किसान बीमा योजना की तर्ज पर व्यापारियों के लिए आपदा-विपदा में राहत की मांग करेगा चेम्बर ऑफ कॉमर्स
केन्द्रीय, प्रदेश बजट एवं जीएसटी पर बजट पूर्व सुझावों पर बैठक आयोजित
ग्वालियर 18 नवम्बर,2025/ केन्द्रीय, प्रदेश बजट एवं जीएसटी पर बजट पूर्व सुझावों पर आज एक बैठक का आयोजन ‘चेम्बर भवन’ में सायं 04.30 बजे किया गया| बैठक में जीएसटी विशेषज्ञ के रूप में सी.ए. दीपक वाजपेयी विशेष रूप से उपस्थित रहे|
चेम्बर अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बजट पूर्व सुझावों के लिए ज्यादा कुछ रह नहीं जाता है| सरकार द्बारा जीएसटी की दरें को कम किया गया है लेकिन कुछ विसंगतियां रह गई हैं जैसे-कपड़े पर 5 व 18 प्रतिशत की दरें रखी गई| कपड़ा आदमी बेसिक जरूरत है, इसलिए कपड़ों पर एक ही दर 5 प्रतिशत रखी जानी चाहिए| सरकार द्बारा कॉपी-किताब पर जीएसटी शून्य किया है लेकिन कागज पर 18 प्रतिशत की दर की गई है, जिससे इस वस्तु का व्यापार प्रभावित हो रहा है| इसी प्रकार एक सीनियर सिटीजन बहुत विषम परिस्थिति में अपना मकान विक्रय करता है, लेकिन सरकार उस पर केपिटल गेन लेती है, यह नहीं लिया जाना चाहिए| इसी प्रकार प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी की दरें समीपवत प्रदेशों की तुलना में बहुत ज्यादा है, जो कि कम होना चाहिए| पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल किया जाना चाहिए ताकि देश भर में इसकी दरें समान हो सकें|
मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि चेम्बर द्बारा बजट पूर्व सुझावों में जो भी मांग सरकार द्बार की जाती है, वह देर सवेर पूर्ण होती है| आपने उदाहरण दिया कि चेम्बर द्बारा निरंतर बजट पूर्व सुझावों में आयकर की सीमा को बढाने की मांग की जा रही थी, जिसे गत बजट में बढाकर 12 लाख कर दिया गया है| वहीं प्रदेश स्तर पर उद्योगों को लंबित सब्सिडी की राशि जल्द देने की मांग की गई थी| इस मांग पर 31 मार्च,2025 तक सभी लंबित सब्सिडी की राशि औद्योगिक इकाईयों को मिल गई है| आज की बैठक में जो भी बजट संबंधी सुझाव आयेंगे, उन्हें केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को जल्द ही प्रेषित किया जायेगा|
बैठक में प्लायवुड पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने, आयकर की धारा 40ए(3) में 10 हजार की लिमिट को बढाए जाने, धारा 131(ए) में भी फेसलेस सुनवाई किये जाने, ईवे-बिल की सीमा इन्ट्रा स्टेट के लिए बढाकर एक लाख किए जाने, यूआरडी की लिमिट 40 लाख से बढाकर एक करोड़ किए जाने, कैंसर एवं डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारी के लिए लाड़ली बहना योजना की तरह प्रतिमाह राशि दिए जाने, पीपीएफ एकाउंट में 1.5 लाख प्रतिवर्ष जमा करने की लिमिट को बढाने तथा ब्याज दर 9 प्रतिशत किए जाने, प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने, मेडिकल क्षेत्र में जीएसटी नंबर अनिवार्य करने, नौकरीपेशा लोगों की तरह ही व्यापारियों को भी आयकर के लिए बनाये गये ओल्ड एवं न्यू रिजीम में स्विच करने की सुविधा दिए जाने आदि सुझाव व्यापारियों/उद्योगपतियों द्बारा दिये गये|
जीएसटी विशेषज्ञ-सीए दीपक वाजपेयी जी ने कहा कि सरकार ने जीएसटी के सिलेब को घटाकर एवं आयकर की सीमा को बढाकर बहुत बड़ा परिवर्तन कर दिया गया है| आगामी बजट में सरकार का फोकस रिफॉर्म पर पर होगा यानि कम्प्यूटराइजेशन ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स जमा करें जिससे सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिले और जनता को भी सरकार उसी अनुपात में सुविधा मुहैया करा सके| इसलिए कारोबारियों को अब ऑनलाइन प्लेटफार्म को जल्द अपनाना चाहिए| आपने कहा कि आज आये सुझावों को समाहित करते हुए सरकार से एमनेस्टी स्कीम की मांग की जायेगी| आज जो भी सुझाव आये हैं डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के संबंध में उन सभी को समाहित कर सुझाव तैयार किये जायेंगे|
बैठक का संचालन मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल एवं आभार कोषाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल द्बारा व्यक्त किया गया| बैठक में कार्यकारिणी समिति सदस्य-आशीष जैन, सुशांत सिंघल, आशीष अग्रवाल, अभिषेक गोयल, दीपक अग्रवाल, आशुतोष मिश्रा, मनोज सरावगी, अरूण गुप्ता आदि सहित संजय धवन, माधव अग्रवाल, पंकज गोयल आदि उपस्थित रहे|
नवीन सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्र का हुआ वितरण:-
चेम्बर कार्यकारिणी समिति की 04 अक्टूबर,2025 को आयोजित की गई कार्यकारिणी समिति की बैठक में 21 नवीन सदस्यों को सदस्यता प्रदान की गई थी| आज आयोजित बैठक में नवीन सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्र एवं एमपीसीसीआई पिन वितरित कर, संस्था में उनका स्वागत किया गया|