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कैंसर पहाड़ी व प्रसिद्ध मांढरे की माता मंदिर के निकट अवैध मकानों को किया गया ध्वस्त , भूमाफिया की तलाश में पुलिस

ग्वालियर /ग्वालियर के प्रसिद्ध मांढरे की माता मंदिर व कैंसर अस्पताल वाली पहाड़ी पर लगातार किये जा रहे अवैध अतिक्रमण कर बनाये गए दर्जनों छोटे बड़े मकानों को आज जमीदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई में
कैंसर पहाड़िया पर 200 मकान तोड़ने की कार्रवाई के दौरान काफी तादाद में पुलिस फोर्स को बुलाना पड़ा, वहां बीच में कई बार हंगामा की स्थिति बनी

जिला प्रशासन के पास शिकायत पहुंची थी कि कैंसर हॉस्पिटल को पहाड़िया पर शासन से लीज पर मिली जमीन और पहाड़िया की लीज कुछ समय पहले खत्म हो गई है। अब यह शासकीय जमीन है और यहां पर सालों से लोग कब्जा करते जा रहे हैं। कुछ भू माफिया ने 20 से 20 हजार रुपए में यहां कब्जा बेचा है। अवैध मकान यहां बन चुके हैं। इस पर जिला प्रशासन की टीम ने सूचना और वहां अवैध निर्माण की मौके पर जाकर जानकारी जुटाई। कैंसर पहाड़िया की लगभग 47 बीघा जमीन पर 200 मकान, अवैध तरीके से अतिक्रमण कर बनाए पाए गए। जिस पर सोमवार को पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई करना तय किया। बड़ी कार्रवाई थी और हंगामा होने की आशंका के चलते काफी मात्रा में पुलिस फोर्स मांगा गया था। सुबह से ही झांसी रोड और कंपू थानों में फोर्स एकत्रित हो गया था। इसके बाद फोर्स को शासकीय जमीन पर पहुंचाया गया। पुलिस की बढ़ती उपस्थिति देख लोग समझ गए कि यहां कुछ बड़ी कार्रवाई होने वाली है। सोमवार दोपहर जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी JCB मशीन के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पहले लोगों को अपने-अपने अतिक्रमण किए मकान तोड़ने की चेतावनी दी, लेकिन लोगों ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद पुलिस की मदद से मकान खाली कराकर JCB मशीन चलाकर तोड़ दिए गए। शाम तक कार्रवाई जारी थी। पूरी जमीन खाली करा ली गई है।

करोड़ों की है खाली कराई जमीन
जो जमीन जिला प्रशासन, नगर निगम औ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर खाली कराई है उसकी कीमत करोड़ों में हैं। कुल 47 बीघा जमीन मुक्त कराई गई है।

भूमाफिया की तलाश
जब जिला प्रशासन और नगर निगम का दल कार्रवाई कर रहा था तो लोगों का कहना था कि यह जगह उन्होंने 20-20 हजार रुपए में खरीदी है। अब जिला प्रशासन यह पता लगा है कि इन लोगों को 20-20 हजार रुपए में कब्जा बेचने वाले भू माफिया कौन हैं।

जिला प्रशासन ने 200 मकानों को सिर्फ 6 घंटे में तोड़ दिया। पर वहां जो लोग रह रहे थे वह शहर के गरीब और मजदूर वर्ग के लोग थे। उनको सिर्फ कार्रवाई से पहले 30 मिनट का समय दिया। ऐसे में कैसे यहां से जगह खाली कर जा सकते थे। लोग गिड़गिड़ाते रहे और जिला प्रशासन और नगर निगम ने 2 JCB मशीन की मदद से पूरे मकानों को ध्वस्त कर दिया।

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