पान सेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गुटखा किंग के नाम से जाने जाने वाले, हरिभाई लालवानी 65 वर्ष का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। मगर सबसे प्रमुख बात यह रही कि उनकी अर्थी को उनकी पुत्रियों ने ही कांधा दिया था। हरिभाई लालवानी की शव यात्रा शनिवार प्रातः नोएडा के सेक्टर 40 स्थित घर से निकली। गुरूवार की रात्रि में लालवानी की तबियत बिगड़ गई।
उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया था। ऐसे में उन्हें नोएडा स्थित फोर्टिस चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। मगर उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी पुत्री अनीता लालवानी ने इस मामले में कहा कि हरिभाई ने ही इच्छा जताई थी कि उनकी मृत्यु पर उत्सव मनाया जाए।
शव यात्रा उत्सव की तरह निकाली जाए। ऐसे में उनकी बेटियों ने अर्थी को कांधा दिया। प्रिंस गुटखा के मालिक लालवानी ने वर्ष 1990 के दशक में नोएडा एन्टप्रेन्योर्स के अध्यक्ष बने थे। हालांकि वर्ष 1994 में उनका नाम नोएडा आवासीय आवंटन घोटाले में सामने आया था। इस घोटाले में मुख्यकार्यपाक अधिकारी नीरा यादव और आईएस अधिकारी राकेश कुमार को सीबीआई ने सजा सुनाई थी। हरिभाई लालवानी का गुटखा और पानमसाले का कारोबार बहुत चला। उन्हें इस कारोबार में बड़ी सफलता मिली थी।