ग्वालियर, 01 जुलाई 2026/ ग्वालियर जिले में वर्षा ऋतु और मानसून को ध्यान में रखकर आगामी तीन महीनों के लिए रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले में संचालित सभी रेत खदानों में 30 जून (मध्य रात्रि) से लेकर 30 सितंबर 2026 तक खनन कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी संबंधित अनुबंधित ठेकेदारों को इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, रेत निकासी के लिए नदियों में बनाई गई अस्थाई संरचनाओं, जैसे अस्थाई पुल, पुलिया या सड़क बनाने के लिए डाली गई मिट्टी और मुरम (मलबा) को नदियों के जल प्रवाह क्षेत्र से तुरंत हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान नदियों का प्राकृतिक बहाव प्रभावित न हो।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण के नियमों के तहत जिला स्तरीय प्राधिकरण द्वारा ग्वालियर जिले के लिए मानसून सत्र की अवधि (1 जुलाई से 30 सितंबर) निर्धारित की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस तय अवधि से पहले मानसून सक्रिय होता है या निर्धारित तिथि के बाद भी मानसून का प्रभाव रहता है, तो परिस्थितियों के अनुसार अलग से नए निर्देश जारी किए जा सकेंगे।
इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने के लिए पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, खनिज निगम और सहायक खनिज अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही ई-खनिज पोर्टल पर भी इस अवधि के लिए ई-टी.पी. के निर्गमन पर रोक लगाने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।