एक ओर जहां एससी एसटी एक्ट प्रदेश सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है वहीं इस एक्ट को लेकर सवर्ण समाज लगातार एकजुट होता जा रहा है। इसकी बानगी आज ग्वालियर में देखने को मिली जब सवर्ण समाज ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए विशाल जन आक्रोश रैली निकाली। रैली में शामिल एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश भी की जिसे पुलिस ने रोक दिया ।
एससी एसटी एक्ट के प्रबल विरोध से घबराई भाजपा सरकार ने 10 सितम्बर को आयोजित ओबीसी कार्यकर्ता सम्मेलन को रद्द कर दिया है हालांकि इसके पीछे बरसात प्रमुख कारण बताया जा रहा है। उधर 25 सितम्बर के भोपाल में आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी में चिन्ता की लकीरें खिंची हुई हैं। फिलहाल यह कार्यक्रम यथावत है।
उधर मध्यप्रदेश के अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन धरना और रैलियों का क्रम जारी रहा। आज ग्वालियर में
आक्रोश रैली थी। राजा मानसिंह चौराहे से राजमाता चौराहे सिटी सेंटर तक इसमें पैदल मार्च करते हुए जाना था। लेकिन रैली शुरू हुई वैसे ही मानसिंह चौराहे पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव योगेन्द्र सिंह कुशवाह ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया लेकिन वो आग लगा पाते उससे पहले ही वहां मौजूद लोगों ने और पुलिस अफसरों ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया। सीएसपी देवेन्द्र सिंह कुशवाह ने उनकी शर्ट उतरवा ली और फिर योगेन्द्र सिंह रैली में अर्धनग्न ही शामिल हुए।
जन आक्रोश रैली में शामिल विभिन्न समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के संशोधन को लागू करने की मांग की। समाज के लोगों ने राजमाता चौराहे पर पहुंचकर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्वालियर में धारा 144 लागू है बावजूद इसके रैली निकाली गई सवर्ण समाज के गुस्से को देखते हुए प्रशासन को झुकना पड़ा । बाद में विश्वविद्यालय के गेट पर ही ज्ञापन ले लिया गया। कार्यक्रम के अनुसार ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर दिया जाना था।