Homeप्रमुख खबरेंग्वालियर में सवर्ण आंदोलन तेज व उग्र होने की खुफिया जानकारी के...

ग्वालियर में सवर्ण आंदोलन तेज व उग्र होने की खुफिया जानकारी के बाद प्रशासन ने लगाई धारा 144

 

बगैर अनुमति के धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी व भीड़ जमा होने पर पूर्णत: प्रतिबंध

ग्वालियर।एस्टरोसिटी एक्ट के खिलाफ लगातार जारी विरोध प्रदर्शन और इसके अंतर्गत सोमवार 24 सितम्बर को कई संगठनों द्वारा आंदोलन उग्र व तेज करने की खुफिया जानकारियों के बाद ग्वालियर जिले में लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से दण्ड संहिता की धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। अपर जिला दण्डाधिकारी श्री संदीप केरकेट्टा ने धारा-144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर इस आशय का आदेश जारी किया है। प्रतिबंधात्मक आदेश 24 सितम्बर को प्रात: 5 बजे से प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 एवं अन्य दण्डात्मक प्रावधानों के तहत दण्डनीय होगा।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला दण्डाधिकारी को प्रतिवेदन दिया गया था कि कतिपय संगठनों द्वारा एससी-एसटी एक्ट के विरोध में केन्द्र व राज्य सरकार के मंत्रिगणों, सांसद व विधायकों इत्यादि को काले झण्डे दिखाए जा रहे हैं और रैली व धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, वॉट्सएप, ट्विटर इत्यादि पर भी अफवाहें फैल रही हैं। इससे कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्वालियर जिले की कानून व्यवस्था एवं आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करना जरूरी हो गया है।
अपर जिला दण्डाधिकारी श्री संदीप केरकेट्टा ने धारा-144 के तहत जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि ग्वालियर जिले की सीमा में प्रशासन की अनुमति बगैर धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी व भीड़ का जमाव पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। आग्नेय शस्त्र, धारदार हथियार एवं अन्य प्रकार के विस्फोटक आयुध इत्यादि ऐसे हथियार जिससे मानव जीवन को खतरा उत्पन्न होता हो, साथ ही मौथरे हथियार मसलन लाठी, डंडा, सरिया, फावड़ा, गैंती, बल्ला, हॉकी इत्यादि के प्रदर्शन, प्रयोग और इन्हें लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
किसी भी प्रकार के कट-आउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग, झण्डे आदि जिन पर किसी भी धर्म, व्यक्ति, संप्रदाय, जाति या समुदाय के विरूद्ध नारे या भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया हो, उनका न तो प्रकाशन किया जा सकेगा और न ही किसी सार्वजनिक व निजी स्थलों पर प्रदर्शन लेखन या उदबोधन किया जा सकेगा। किसी भी भवन व संपत्ति पर आपत्तिजनक भाषा या भड़काऊ नारे लिखा जाना, तोड़फोड़ या अन्य प्रकार से विरूपित करना प्रतिबंधित रहेगा। ग्वालियर जिले की सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के नहीं कर सकेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments