ग्वालियर। व्यापारगुरुवार को ग्वालियर से लेकर भोपाल तक एक खबर की जोरदार चर्चा जारी है। यह चर्चा है ग्वालियर के ऐतिहासिक व्यापार मेले की तिथि तय हो जाने की लेकिन इस खबर की देर शाम तक किसी भी सरकारी तंत्र ने अधिकृत रूप से पुष्टि नहीं की है। मेले के आयोजन को लेकर सुगबुगाहट बुधवार को ही उस वक्त शुरू हो गई थी जब प्रदेश के परिवहन मंत्री द्वारा मेले में वाहनों पर RTO की छूट सम्बन्धी चर्चा मुख्यमंत्री से करने सम्बन्धी खबर सामने आई थी। उसी के बाद से सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर यह खबर आना शुरू हुई की ग्वालियर मेले के आयोजन की तैयारियां पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति के बाद भूमि पूजन की तारीख 30 जनवरी निर्धारित की गई है। इस अवसर पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहेंगे। हालांकि इन खबरों में साफ तौर पर यह कहा गया की इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा होना अभी भी शेष है। खबरों में कहा जा रहा है कि
ग्वालियर मेले के आयोजन को लेकर आई ये बड़ी खबर इस वर्ष भी मिलेगी वाहनों पर छूट
बुधवार को मुख्यमंत्री श्री चौहान से मंत्रालय में परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने चर्चा की। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से ग्वालियर व्यापार मेले में वाहनों के बिक्री में पंजीयन शुल्क की छूट देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि ग्वालियर मेला सौ साल पुराना है। इस मेले में देशभर के लोग शामिल होने आते हैं। मेले में बड़ी तादाद में वाहनों की बिक्री भी होती है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि ग्वालियर मेले के सचिव एवं राज्य सभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ग्वालियर मेले में छूट देने के लिये पत्र लिखा है।
ऑटोमोबाइल के लिये प्रसिद्ध इस मेले में छूट मिलने से वाहनों की बिक्री में भारी वृद्धि की संभावना है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर मेले में वाहनों की बिक्री पर छूट दिये जाने पर सहमति व्यक्त की है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों के साथ चाय पर मुलाकात की जो पहल शुरू की है, उसके काफी सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। उधर बुधवार को क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य कैट के प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र जैन एवं चैंबर के मानसेवी सचिव डा.प्रवीण अग्रवाल, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल व मदन कुशवाह आदि ने मेला आयोजित करने का पक्ष कलेक्टर काैशलेंद्र विक्रम सिंह के सामने रखा। सभी का कहना था कि मेला जरूर लगना चाहिए, मगर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी का कहना था कि कोरोना का खतरा अब भी बना हुआ है, साथ ही काफी देरी भी हो चुकी है, इसलिए मेले काे इस साल टाल देना ही ठीक रहेगा। इसके चलते ग्वालियर के लोकल लेवल पर अभी तक कोई डिसीजन नहीं हो पाया है।
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