भारत की काग़ज़ी राजनीतिक दलों पर बीबीसी की रिपोर्ट के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग और सरकार से मामले की जांच की मांग की है.
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “साल 23-24 में आम जनमत पार्टी के पास कांग्रेस से भी चंदा आया. क्या चुनाव आयोग इस पार्टी के बैंक अकाउंट की छान बीन कराएगा? क्या वित्त मंत्रालय इसकी ईडी और आईटी विभाग से जाँच कराएगा?”
इस पोस्ट में बीबीसी की रिपोर्ट को शेयर करते हुए सवाल किया गया है, “ये पार्टी अब बिहार से गुजरात चली गई. लेकिन जिसके बैंक अकाउंट में 620 करोड़ रुपये हैं, वह अब कहाँ है? उसका अकाउंट अभी भी चालू है. चंदा अभी भी स्वीकार हो रहा है. मोदी है तो सब मुमकिन है.”
इससे पहले बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने अपनी एक खोजी रिपोर्ट में भारत भारत के उन काग़ज़ी राजनीतिक दलों के बारे में बताया था कि जिन्हें सैकड़ों करोड़ का चंदा मिलता है, लेकिन वे चुनाव बहुत कम लड़ती हैं.
बीबीसी ने बताया है कि साल 2022-23 में आम जनमत पार्टी को 216 करोड़ रुपये मिले और फिर साल 2023-24 में चंदा बढ़कर 620 करोड़ रुपये हो गया. जबकि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने केवल एक उम्मीदवार उतारा