अब क्या करेगी भाजपा ! एक तरफ उबलते सवर्ण तो दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ग्वालियर चम्बल अंचल में बड़े नेताओं को कार्यक्रम करने की मनाही यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ग्वालियर न आने की सूचना मिल रही है। हालांकि अधिकृत रूप से अभी इसका ऐलान नहीं किया गया है। पार्टी नेतृत्व की अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि आने वाले समय में सवर्णों का गुस्सा कैसे शांत किया जाए ?
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में ग्वालियर चम्बल अंचल के सभी बड़े भाजपा नेता प्रदेश सरकार के मंत्री केंद्रीय मंत्री आदि को सवर्ण समाज के गुस्से का सामना करना पड़ा है। इसमें भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात झा केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह थावर चन्द गहलोत के अलावा प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री विधायक शामिल हैं।
इतना ही नहीं अमितशाह के प्रस्तावित ग्वालियर प्रवास की जमीन तैयार करने सम्भागीय सम्मेलन में दिशा देने यहां आए भाजपा संगठन का बड़ा चेहरा व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे को भी घेराव व विरोध से दो चार होना पड़ा ,हालात किस कदर गम्भीर हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सम्भागीय सम्मेलन को पुलिस पहरेदारी में ताले के भीतर आयोजित करने पड़ा
सूत्रों का कहना है कि अब जबकि अमितशाह दौरा नजदीक है सुरक्षा एजेंसियों ने साफ तौर पर कह दिया है। भाजपा नेताओं के लिए ग्वालियर अंचल किसी भी कार्यक्रम के लिए बेहद संवेदनशील है। यही वजह है कि भाजपा ने अमितशाह का दौरा रद्द करने का निर्णय ले लिया है।
