मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इस बात को लेकर कांग्रेस में मची घमासान को शांत करने और जोतिरादित्य का रास्ता साफ करने का हल कांग्रेस हइकमान ने निकाल लिया है। इसके चलते कमलनाथ को मोतीलाल बोरा के जगह कांग्रेस का कोषाध्यक्ष बनाये जाने की तैयारी है। बोरा लम्बे समय से कांग्रेस के कोषाध्यक्ष हैं उन्हें रिटायर करने के पीछे वृद्धावस्था प्रमुख कारण बताई जा रही है लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि कमलनाथ की उम्र भी 71वर्ष है और उन्हें भी जवान नहीं कहा जा सकता।
इंदिरा गांधी के कथित तीसरे पुत्र और मप्र की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से 9 बार सांसद कमलनाथ के बारे में नई खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। फिलहाल इस पद पर मोतीलाल वोरा काबिज हैं। वो 2001 से लगातार इस पद पर बने हुए हैं लेकिन अब उनकी जगह किसी दूसरे योग्य और भरोसेमंद व्यक्ति की तलाश हो रही है। कमलनाथ से जुड़े दिल्ली के सूत्रों का कहना है कि कोषाध्यक्ष पद के लिए कमलनाथ के नाम पर गंभीरता से विचार हो रहा है। वो सीनियर लीडर हैं। राजनीति और फंड की अच्छी समझ है और सबसे बड़ी बात यह कि वो गांधी परिवार के पुराने बफादार हैं। कहा जा रहा है कि मोतीलाल वोरा अब काफी उम्रदराज हो गए हैं एवं राहुल गांधी की स्पीड के साथ मैच करने की स्थिति में नहीं हैं अत: उन्हे मुक्त किया जाना है। 71 साल के कमलनाथ इस पद के लिए परफेक्ट फिट नजर आ रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि नए कोषाध्यक्ष का नाम जल्द ही फाइनल होने जा रहा है। इस हेतु कमलनाथ के अलावा मिलिंद देवड़ा का नाम भी चल रहा है। मिलिंद, राहुल गांधी के काफी नजदीकी माने जाते हैं लेकिन दूसरे पक्ष का कहना है कि मिलिंद देवड़ा कमलनाथ की तुलना में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी के लिए मिस्टर परफेक्ट नहीं होंगे। कमलनाथ के पास अच्छा अनुभव है और वो संगठन की बारीकियों को समझते हैं। कहा यह भी जा रहा है कि इस नियुक्ति के साथ ही मप्र में कांग्रेस के चेहरे को लेकर शुरू हुआ तनाव खत्म हो जाएगा। फिर अकेले ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम शेष रह जाएगा। फिलहाल कांग्रेस कई राज्यों में सत्ता से बाहर हो चुकी है। उसे ऐसे कोषाध्यक्ष की जरूरत है जो फंड जुटाने में मदद कर सके।