त्वरित टिप्पणी:प्रवीण दुबे
गलाक़ाट स्पर्धा और खुद को सबसे आगे दिखाने की अंधी होड़ के कारण तमाम मेन स्ट्रीम मीडिया ने पत्रकारिता को भारी नुकसान पहुँचाया है, बिना जांचे परखे ब्रेकिंग न्यूज़ चलाने वालों की वजह से पत्रकारों द्वारा चलाये जा रहे समाचारों के प्रति विश्वसनीयता का संकट खड़ा हो गया है,जल्दबाजी में प्रसारित ब्रेकिंग न्यूज़ झूठी साबित हो रही हैं और पत्रकारिता का मजाक बन रहा है। पिछले कुछ घंटों में देश के जाने माने फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र की मृत्यु का समाचार ब्रेकिंग न्यूज़ में चलाया गया जबकि वो जिंदा थे इस समाचार ने उनकी पत्नी और विख्यात फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी उनकी पुत्री को इस कदर आहत किया कि उन्होंने मीडिया की इस हरकत को अक्षम्य अपराध तक कह दिया।सांसद हेमा मालिनी ने उनके पति और अभिनेता धर्मेंद्र को लेकर चल रही ख़बरों पर गहरी नाराज़गी जताते हुए लिखा कि जो हो रहा है उसे माफ़ नहीं किया जा सकता है! ज़िम्मेदार चैनल ऐसे व्यक्ति के बारे में झूठी ख़बर कैसे फ़ैला सकते हैं जिस पर इलाज का असर दिख रहा है और वह ठीक हो रहा है?”
उन्होंने लिखा, “यह बेहद अपमानजनक और गैर ज़िम्मेदाराना है. कृपया परिवार और उसकी प्राइवेसी का सम्मान करें.”


आश्चर्य की बात तो यह है कि इस झूठी खबर को ब्रेकिंग रूप में चलाने वाले मीडिया में देश के कई बड़े मीडिया हॉउस से जुड़े डिजिटल और इलेक्ट्रोनिक मीडिया प्लेटफार्म शामिल थे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी बड़े नामचीन व्यक्ति के मौत की झूठी खबर मीडिया में प्रसारित की गई,समझ से परे है कि देश के तमाम बड़े और मेन स्ट्रीम मीडिया खुद को आगे दिखाने के चक्कर में बार बार यह गलती क्यों कर रहा है। किसी भी खबर विशेषकर किसी विख्यात व्यक्ति की मौत से जुड़ी खबर को बिना पुष्टि किए प्रसारित करना वो भी बड़े मीडिया संस्थानों द्वारा वास्तव में बहुत ही निदनीय है इन संस्थानों में बैठे सम्पादकों को इतनी भी समझ नहीं कि कोई भी न्यूज़ को प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना पत्रकारिता से जुड़ा मूल सिद्धांत है। इसका पालन न करने के कारण ही आज पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता का संकट खड़ा हो गया है।