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दलित की हत्या पर ढांढस बधाने जा रहे विहिप के प्रांत संगठनमंत्री खगेन्द्र भार्गव को मोबलिंचिंग का शिकार बनाना चाहते थे मुस्लिम गुंडे,तनाव के बाद कर्फ्यू

विदिशा के लटेरी स्थित मुरवास पंचायत में पहले 18 मार्च को वन माफिया रिजवान उर्फ फकीर मोहम्मद द्वारा वाल्मीकि समाज के एक व्यक्ति की ट्रेक्टर से कुचलकर हत्या , फिर आतंक बरपाने के लिए बन्दूकें तलवारों का लहराया जाना और कल 21 मार्च को बाल्मीकि दलित परिवार को ढांढस बंधाने जा रहे विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठनमंत्री खगेन्द्र भार्गव पर मुस्लिम समुदाय की भीड़ द्वारा सुनियोजित पथराव गोलीबारी करके 18 मार्च जैसी हत्या की घटना को अंजाम देने की कोशिश फिर थाने के घेराव ने जहां पूरे इलाके में दहशत व भय का वातावरण निर्मित कर दिया है वहीं दूसरी और स्थानीय पुलिस प्रशासन की अकर्मण्यता की पोल खोलकर रख दी है। कल हुई घटना का जो वीडियो शब्दशक्तिन्यूस को मिला है उसे देखकर ऐसा लगता है की मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग पूर्वनियोजित षड़यंत्र के तहत मोबलिंचिंग जैसी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे घटनास्थल पर जो गिनती के दो पुलिस वाले दिखाई भी दे रहे हैं वे भी पुर्णतः निहत्थे नजर आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है की लटेरी के मुरवास पंचायत की सरपंच आशादेवी के पति संतराम धौलपुरिया पुत्र सुंदरलाल को वन माफिया रिजवान और उसके तीन अन्य साथियों  ने गुरुवार दोपहर में निर्मम ढंग से ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। इस घटना के बाद सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया था की  इस मामले में थाना प्रभारी ने कोई मदद नहीं की।

संतराम मौके पर तड़प रहे थे, लेकिन उनकी मदद करने की जगह वे आरोपी को बचाने में लगे थे।  बाद में क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे थे और उन्होंने मुरवास थाने का घेराव किया था। विधायक का आरोप था कि सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई।

बताया जा रहा है कि हत्या के बाद आरोपियों ने क्षेत्र के लोगों को धमकाने के लिए तलवारें लहराईं और बंदूकें दिखाईं ताकि लोगों में दहशत हो। विधायक उमाकांत शर्मा का आरोप था कि आरोपियों ने तलवारों और बंदूकें लेकर चश्मदीदों को धमकाया गया। साथ ही लोगों को गवाही देने पर हत्या की धमकी दी गई है।

लटेरी एसडीएम ने मामले को मध्य नजर रखते हुए पूरे ब्लाॅक में धारा 144 लागू कर दी थी बावजूद इसके कल भीड़ एकत्रित हुई और धारा 144 का खुलेआम उल्लंघन करते हुए विश्व हिंदू परिषद संगठनमंत्री को निशाना बनाया गया।

गौरतलब है की 18  मार्च की  घटना उस समय हुई थी जब सरपंच पति मुरवास के पंचायत भवन से भैरो चौक की तरफ जा रहे थे, तभी दोपहर 2 बजे ब्लेड लगे ट्रैक्टर को चलाते हुए रिजवान पुत्र फकीर मोहम्मद और 3 अन्य साथी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। और उस समय तक ट्रैक्टर चलाते रहे जब तक वे पूरी तरफ दम न तोड़े। उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

शिकायत की वजह से सरपंच पति से थी रंजिश
संतराम ने गांव के वन माफिया फकीर मोहम्मद एवं उनके पुत्र इरफान, रिजवान, उमर, फारूक के अलावा हीरो इरफान पुत्र जहूर खान, शकील पुत्र सईद खां आदि अन्य लोगों की अफसरों से शिकायत की थी। संतराम का आरोप था कि फकीर मोहम्मद के परिजनों के अलावा इनके परिवार के अन्य सदस्यों ने वन विकास निगम की सैकड़ा बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है।

इस मामले की शिकायत उन्होंने 10 सितंबर 2020 में कलेक्टर डॉ. पंकज जैन से की थी। कलेक्टर ने इस शिकायत पर कार्रवाई के लिए लटेरी एसडीएम को पत्र भेजा था। शिकायत की वजह से वन माफिया उनसे रंजिश रखे हुए था।

उधर घटना के बाद स्थानीय विधायक का आरोप था की संतराम मौके पर तड़पते रहे। वहीं थाना प्रभारी आए और आरोपी को बचाकर ले गए। ताकि नाराज लोग हत्या के बाद आरोपी के साथ मारपीट ना कर दें। पुलिस की लापरवाही से ये बर्बर हत्या हुई 

100 बीघा से ज्यादा जमीन पर है अतिक्रमण
वन माफिया फकीर मोहम्मद एवं उनके परिजनों का करीब 100 बीघा से ज्यादा जमीन पर अतिक्रमण है। इसकी शिकायत संतराम ने कलेक्टर से लेकर कई अफसरों से की थी। फकीर की वन विकास निगम में पैठ है। उनका पुत्र उमर वन विकास निगम में चौकीदार है।

संतराम का आरोप था कि निगम के रेंजर संतोष दुबे, नाकेदार पंकज आदि शिकायत के बाद फकीर को जानकारी दे देते थे।

कलेक्टर ने अफसरों को जांच के दिए थे आदेश
कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने बताया कि संतराम ने कई स्तर पर अतिक्रमण और अन्य बिंदुओं की शिकायत की थी। इस संबंध में वन विकास निगम के डिवीजनल मैनेजर आदर्श श्रीवास्तव को 28 जनवरी को बुलाकर कार्रवाई की बात कही थी। डिवीजनल मैनेजर ने अपने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए 9 मार्च को पत्र भेजा था। इसके बाद 16 मार्च से कार्रवाई के लिए दल गठित किया गया था। आश्चर्य केेई की बात यह है की इतना सब होने के बावजूद पुलिस प्रशासन  सोता रहा और पुनः हमला हुआ,थाना तक घेर लिया गया ‘ गोलियां चलाई गईं और पथराव भी किया गया।

VHP ने किया बयान जारी
विहिप नेता की गाड़ी पर हुए हमले के बाद हिंदूवादी संगठन ने एक बयान जारी कर नाराजगी जाहिर की है. बयान में कहा गया है कि मुरवास लटेरी – संतराम बाल्मिकी को श्रद्धांजलि देने गये, विहिप प्रान्त संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव की गाड़ी पर अचानक हमला और फायरिंग की गई.

वहीं विहिप नेता पप्पू वर्मा ने इस घटना को बहुत ही गम्भीर बताया है और प्रशासन से तुरंत हमला करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है. विहिप नेता ने यह चेतावनी भी दी है कि “अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो हिंदू समाज खुद उत्तर देगा.”

प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू
घटना के बाद मुरवास में दो समुदायों के बीच विवाद के हालत पनप गए हैं. ऐसे में स्थिति को देखते हुए कलेक्टर पंकज जैन ने मुरवास में कर्फ्यू लगा दिया है. साथ ही जिला मुख्यालय से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मुरवास में तैनात कर दी गई है. इतना ही नहीं प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं.

 

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