नई दिल्ली लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में मंथन का दौर चल रहा है। कुछ ही देर में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक दिल्ली में होगी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे पेशकश करने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। नतीजों वाले दिन भी राहुल गांधी ने देश भर में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी मेरी है।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब अंदरखाने इस बात की चर्चा जोरों पर है कि मोदी को केंद्रित कर तैयार की गई चुनावी रणनीति गलत थी और उसका नुकसान हुआ। कार्यसमिति में चर्चा के दौरान कांग्रेस की सत्ता वाले 5 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी बात की जाएगी। इनमें पंजाब भी शामिल है, जहां सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खुलकर विवाद सामने आया है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इस बात की पूरी संभावना है कि यदि राहुल गांधी इस्तीफे की पेशकश करते हैं तो कार्यसमिति की ओर से इसे खारिज कर दिया जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यदि पार्टी नेता राहुल को बने रहने के लिए कहते हैं तो फिर राहुल की प्रतिक्रिया क्या होगी। हालांकि इस बात की पूरी संभावना है कि राहुल गांधी पद पर बने रहेंगे। नतीजों के दिन शाम को इस बात के संकेत मिले थे, जब कांग्रेस ने राहुल गांधी की ओर से इस्तीफे के प्रस्ताव की खबरों को खारिज किया था और अफवाह करार दिया था।
नेताओं की राय, मोदी पर ज्यादा हमले से हुआ नुकसान
पार्टी में भले ही अभी खुलकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है, लेकिन अंदरखाने यह राय चल रही है कि मोदी के खिलाफ ज्यादा हमले करने का नुकसान हुआ। खासतौर पर ‘चौकीदार चोर है’ जैसे नकारात्मक प्रचार ने पार्टी को चोट पहुंचाई।