लोकसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा और किसकी होगी छुट्टी? इसपर कयास लगने शुरू हो गए हैं।
बता दें कि इस चुनाव में बीजेपी ने अकेले 303 सीटों पर जीत दर्ज की है। शुक्रवार को पीएम मोदी समेत पूरे मंत्रिपरिषद ने इस्तीफा दे दिया था। सरकार गठन को लेकर जारी गहमागहमी के बीच पार्टी के कई नेताओं का ऐसा मानना है कि इस बार मोदी मंत्रिमंडल में बीजेपी चीफ अमित शाह भी शामिल होंगे और उन्हें गृह, वित्त, विदेश या रक्षा में से कोई एक मंत्रालय दिया जा सकता है। इसके अलावा एनडीए के सहयोगी दलों जेडीयू, शिवसेना, एलजेपी के सांसदों को भी मंत्रिमंडल में अहम पद दिया जा सकता है।
बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना से होंगे मंत्री
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए-2 में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक और तेलंगाना का प्रतिनिधित्व तय है। बीजेपी ने बंगाल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। 2021 में राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी बंगाल से मंत्रियों की संख्या बढ़ा सकती है। ओडिशा में पार्टी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। यहां से भी कम से कम एक सांसद को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है। दक्षिणी राज्य तेलंगाना में पार्टी ने 4 सीट अपने खाते में डालने में कामयाब रही है और यहां से भी किसी सांसद को मंत्री बनाया जाना तय माना जा रहा है। कर्नाटक में पार्टी ने कांग्रेस और जेडीएस को बुरी तरह मात दी है यहां बीजेपी ने 28 सीटों में से 25 पर जीत दर्ज की है। इस राज्य से भी मंत्रिमंडल में दो से तीन सांसदों को मंत्री बनाए जाने की खबरें हैं।
बीजेपी चीफ शाह को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
अटकलें हैं कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। दरअसल, रक्षा मंत्री का पद बीजेपी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव में भारतीय सेना और पाकिस्तान में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की काफी चर्चा हुई थी। ऐसे में सरकार एक मजबूत रक्षा मंत्री के तौर पर शाह को यह अहम पद दे सकती है। निर्मला सीतारमण नई सरकार में मुख्य भूमिका में रह सकती हैं।
स्मृति को भी मिलेगा अहम पद
स्मृति इरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी से पराजित किया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रकाश जावड़ेकर को नए मंत्रिमंडल में बनाए रखे जाने की संभावना है।
एनडीए सहयोगियों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व
JDU और शिवसेना को भी नई कैबिनेट में स्थान दिया जा सकता है क्योंकि दोनों दलों ने क्रमश: 16 और 18 सीट दर्ज करके शानदार प्रदर्शन किया है। पिछली सरकार में JDU से कोई मंत्री मोदी मंत्रिमंडल में नहीं था। इसके अलावा रामविलास पासवान की एलजेपी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय है।
नए और युवा चेहरों को भी मिल सकता है
एनसीआर से बृजेन्द्र सिंह को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। बृजेन्द्र सिंह मौजूदा कैबिनेट में मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह के बेटे हैं। इस बार चौ. बीरेन्द्र सिंह की जगह उनके बेटे बृजेन्द्र सिंह को मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। दरअसल, बृजेन्द्र सिंह जाट समुदाय से आते हैं। इस तरह से उन्हें मंत्री बनाकर बीजेपी को हरियाणा और दिल्ली दोनों जगह जाट वोटरों का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा पार्टी कुछ युवाओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।