Homeत्वरित टिप्पणीनई भाजपा में कार्यकारिणी की घोषणा एक साहसपूर्ण काम

नई भाजपा में कार्यकारिणी की घोषणा एक साहसपूर्ण काम

त्वरित टिप्पणी :प्रवीण दुबे

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अंततः अपनी नई टीम का ऐलान कर ही दिया, नई भाजपा के समय में रिकॉर्ड समय में नई कार्यकारिणी घोषित करना बेहद चुनौतीपूर्ण और साहस भरा कार्य कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होना चाहिए ऐसा इसलिए क्यों कि नई भाजपा अब न तो कुशाभाऊ ठाकरे वाली है और न प्यारेलाल खंडेलवाल या सुन्दरलाल पटवा अथवा कैलाश जोशी वाली मध्यप्रदेश भाजपा में अब एक दो नहीं कई ऐसे क्षत्रपों का बोलबाला है जिनके अपने अपने पट्ठों की फौज है और उन्हें प्रदेश स्तर पर सेट कराने के लिए ये किसी भी स्तर तक जाने को तैयार रहते हैं।
ऐसे हालातों में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालने के मात्र 3 माह 21 दिन में कार्यकारिणी का गठन किया है। यह निश्चित ही काबिलेतारीफ है।
यहां बताना उपयुक्त होगा कि इससे पहले विष्णुदत्त शर्मा को कार्यकारिणी बनाने में 10 माह 28 दिन, स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान को 7 माह 5 दिन, और स्वर्गीय प्रभात झा को 4 माह 6 दिन का समय लगा था। वहीं राकेश सिंह ने पूर्व कार्यकारिणी के साथ ही काम किया था।

हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई कार्यकारिणी में बड़ी चतुराई से आगे होने वाले किसी भी संभावित विद्रोह बगावत अथवा नाराजगी को टालने के लिए भी व्यवस्था की है।
प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने उपाध्यक्ष और मंत्री के कुछ पद खाली रखे हैं, ताकि भविष्य में संगठनात्मक जरूरत और संतुलन के अनुसार नए चेहरों को अवसर दिया जा सके।

एमपी बीजेपी की पिछली कार्यकारिणी में 14 उपाध्यक्ष, 14 मंत्री और 5 महामंत्री थे

नई कार्यकारिणी में 13 पदाधिकारी पिछली टीम से दोबारा शामिल किए गए हैं। 16 नए कार्यकर्ताओं को स्थान मिला है। नई टीम में 7 महिलाओं को भी कार्यकारिणी में प्रतिनिधित्व दिया गया है।

पिछली कार्यकारिणी में प्रदेश महामंत्री के तौर पर काम कर चुके पूर्व विधायक रणबीर सिंह रावत अब उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। मनीषा सिंह का प्रमोशन हुआ है बीजेपी की प्रदेश मंत्री और विधायक मनीषा सिंह अब प्रदेश उपाध्यक्ष बनाई गई हैं।

पहले संभागीय संगठन मंत्री रहे शैलेंद्र बरुआ बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष बने हैं। सीएम के करीबी प्रभुलाल जाटव और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

कांत देव सिंह एक बार फिर से प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश युवा कल्याण आयोग के पूर्व अध्यक्ष निशांत खरे भी उपाध्यक्ष बने हैं।

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