Homeग्वालियर अंचलनहीं रहे सेवाश्रम जौरा के संस्थापक, गांधीवादी पद्मश्री डॉ. सुब्बाराव ...

नहीं रहे सेवाश्रम जौरा के संस्थापक, गांधीवादी पद्मश्री डॉ. सुब्बाराव जयपुर में हुआ निधन 

गांधी सेवाश्रम जौरा के संस्थापक एस एन सुब्बाराव का निधन हुआ पद्मश्री ‘ से सम्मानित डॉ. एसएन सुब्बाराव  का 92 की उम्र में निधन हो गया. सुब्बाराव गांधीवादी विचारक थे,  देश की अनेक शख्शियत जिनमें     मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल थे  उन्हें अपना आदर्श मानते थे. पिछले चार दिनों में तीन बार CM उपचाराधीन सुब्बाराव से मिलने गये थे. उनका जन्म कर्नाटक के बेंगलुरु में 7 फरवरी 1929 को हुआ था

स्कूल में पढ़ते समय महात्मा गांधी की शिक्षा से सुब्बाराव प्रेरित थे. 9 अगस्त 1942 को मात्र 13 साल की उम्र में आजादी आंदोलन से जुड़ गए, ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर उन्होंने दीवार पर लिखा था ‘QUIT INDIA’. तभी से सुब्बा राव स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हो गए. छात्र जीवन के दौरान सुब्बाराव ने स्टूडेंट कांग्रेस और राष्ट्र सेवा दल के कार्यक्रमों में लिया भाग था.

सुबह करीब 6 बजे ली अंतिम सांस
डॉ. सुब्बाराव से जुड़े राष्ट्रीय युवा योजना के प्रदेश संयोजक धर्मवीर कटेवा ने  मीडिया को बताया कि उनकी पार्थिव देह को राजस्थान विश्वविद्यालाय रोड स्थित बापूनगर के विनाबा भावे ज्ञान मंदिर में दर्शनार्थ रखा जायेगा. उनका अंतिम संस्कार मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में स्थित जोरा आश्रम या फिर बैंग्लुरु में किया जा सकता है. बैंग्लुरु में सुब्बाराव के भाई रहते हैं. डॉ. सुब्बाराव ने शादी नहीं की थी. वे अविववाहित थे. कल शाम से पहले उनकी हालत में सुधार था. लेकिन शाम को उनको साइलेंट अटैक आया. उसके बाद उन्हें वैंटीलेटर लेना पड़ा था. आज सुबह करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली

गांधीवादी एस एन सुब्बाराव के जीवन की कुछ मुख्य बातें

गांधी सेवाश्रम जौरा के संस्थापक  थे एस एन सुब्बाराव
* 1972 में 600 से अधिक बागीयों के जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी के समक्ष बागीयों के आत्मसमर्पण के बाद चर्चा में आये थे एस एन सुब्बाराव , उस समय के 2 लाख व 1.5 लाख के इनामी बागीयों तथा बागी सरदार मोहर सिंह एवं माधौ सिंह सहित चंबल के राष्ट्रीय स्तर पर थर्रा देने वाले बागीयों ने गांधी सेवाश्रम जौरा में किया था आत्मसमर्पण
** सुब्बाराव पर लगते थे आरोप तो मुरैना में एक मीटिंग में बोले कि मैं एक पुरूस्कार और एक सम्मान पाता हूं तो मैं एक कार्यकर्ता पाता हूं , और उस राशि से ही उस कार्यकर्ता का पूरा आजीवन वेतन की व्यवस्था करता हूं ।‌
*** जयप्रकाश नारायण और इंदिरा गांधी के चहेते थे एस एन सुब्बाराव
** 1972 के दौर के और बाद के बागीयों में तथा बागी परिवारों में विशेष सम्मान था एस एन सुब्बाराव का
*** उनके द्वारा संस्थापित गांधी सेवाश्रम जौरा एन जी ओ के रूप में तथा खादी ग्रामोद्योग के रूप में कार्य कर रहा है
*** मुरैना के अनेक समाजसेवी गांधी सेवाश्रम जौरा से जुड़े रहे हैं जिनमें रन सिंह परमार , मिस मैरी , तथा विश्वनाथ सिंह आदि प्रमुख हैं , कुछ सीधे एस एन सुब्बाराव से जुड़े रहे हैं जिनमें सतीश व्यास , नरेन्द्र सिंह तोमर “आनंद”, सहदेव सिंह भदौरिया आदि प्रमुख हैं
** म प्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह , अर्जुन सिंह , श्यामाचरण शुक्ला आदि के प्रिय व सम्मानित शख्सियत रहे एस एन सुब्बाराव
*** म प्र में चंबल से बागी समस्या का अंत करने , वनवासियों की समस्याओं के निराकरण में एस एन सुब्बाराव की प्रमुख भूमिका रही है
** चंबल में बागी समस्या पर बनी फिल्मों में अक्सर एस एन सुब्बाराव का नाम देखने को मिलता है ।
एस एन सुब्बाराव को विनम्र सादर श्रद्धांजलि के साथ ।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments