विश्व हिंदू परिषद विहिप नूपुर शर्मा के बचाव में खड़ा हुआ है। वीएचपी का कहना है कि अदालत तय करेगी कि उनका बयान कानूनी है या अवैध। मालूम हो कि शर्मा को भाजपा ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ उनकी विवादास्पद टिप्पणी पर निष्कासित कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि नूपुर शर्मा का बयान कानूनी है या नहीं, यह अदालत तय करेगी। लेकिन वे कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना ही पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने एक बहस में भाग लिया जहां हिंदू देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें कही जा रही थीं। उन्होंने कहा कि हिंदू सड़कों पर पाए जाने वाले पत्थरों की पूजा करते हैं और शिवलिंग को भी फव्वारा बताया गया था। गरमागरम बहस के दौरान नूपुर ने कुछ बातें कहीं। यह अपराधा है या नहीं, अदालत तय करेगी।
‘कानून को हाथ में ले रहे लोग’
विहिप नेता ने कहा,”अदालत के फैसले की प्रतीक्षा किए बिना पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, क्या कानून इसकी इजाजत देता है? खुले तौर पर कहा जा रहा है कि अगर कोई पैगंबर के बारे में कुछ कहता है तो जीभ काट दी जाएगी। लोग इस तरह की भाषा बोल रहे हैं। कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं। मुझे लगता है कि यह देश में चिंता का विषय है।”
गिरफ्तारी किसी की मांग पर नहीं होती’
नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने की एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी किसी की मांग के आधार पर नहीं की जाती है। कुमार ने कहा कि गिरफ्तारी कानून के अनुसार की जाती है। नूपुर शर्मा ने जो कहा है वह कैमरे पर है। पुलिस को किसी चीज की जरूरत नहीं है। वे कैमरे पर कही गई बातों को सुन सकते हैं, उसका आकलन कर सकते हैं और रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। तो वह इस स्तर पर गिरफ्तारी की बात क्यों कर रहे हैं?”
महेश जेठमलानी ने भी किया नूपुर शर्मा का बचाव
वहीं, राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने कहा कि भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा ने अल्पसंख्यकों पर उकसाने वाला असंवेदनशील बयान दिया है। यह उनकी एक गलती है। उन्होंने कहा कि शर्मा कोई फ्रिंज राजनेता नहीं हैं और असली फ्रिंज वे हैं जो उनकी गलती से पैदा हुई आग को सार्वजनिक मंचों पर भड़काते हैं। साथ ही विदेशों में भारत की छवि को बहाल करने के भारत सरकार के प्रयासों को बर्बाद कर रहे हैं।