ग्वालियर 25 अक्टूबर 2026/न्यूरो-ऑटोलॉजिकल एंड इक्विलिब्रियोमेट्रिक सोसाइटी ऑफ इंडिया (NES) का 44वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन ‘नेस्कॉन 2026’ रविवार को कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, ग्वालियर में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन देशभर से जुटे ईएनटी, न्यूरो-ऑटोलॉजी और वर्टिगो विशेषज्ञों ने कान की जटिल बीमारियों, संतुलन विकार (चक्कर आना) और बहरेपन के आधुनिक उपचार पर गहन विमर्श किया। अगला सम्मेलन ‘नेस्कॉन 2027’ गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा।
दो सभागारों में हुए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सत्र
सम्मेलन के तीसरे दिन दो अलग-अलग सभागारों में उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए:
- डॉ. एस. आर. अग्रवाल मेमोरियल हॉल: ‘ऑटोलॉजी एवं न्यूरोटोलॉजी में समकालीन प्रगति’ विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें एंडोलिम्फेटिक सैक डीकम्प्रेशन सर्जरी, पल्सेटाइल टिनिटस, टिनिटस में न्यूरोमॉड्यूलेशन तथा अस्थिभूत (ossified) कॉक्लिया में कॉक्लियर इम्प्लांटेशन पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डॉ. प्रदीप वुंडावल्ली ने न्यूरो-वेस्टिबुलर सर्जरी में निर्णय-प्रक्रिया पर मुख्य व्याख्यान (कीनोट) दिया।
- डॉ. ए. के. जैन मेमोरियल हॉल: वेस्टिबुलर माइग्रेन, बच्चों में चक्कर (पीडियाट्रिक वेस्टिबुलर डिसऑर्डर), बाइलेटरल वेस्टिबुलोपैथी, अचानक बहरापन (सडन SNHL) के साथ वर्टिगो और हेड इम्पल्स टेस्ट जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। सत्र में डॉ. श्रीनिवास दोरासला ने कीनोट व्याख्यान दिया। वहीं सुबह के सत्र में डॉ. सुरजीत बर्मन और डॉ. अविनाश बिजलानी के संयोजन में ‘NES क्विज’ का आयोजन किया गया।

उत्कृष्ट शोध-पत्र व पोस्टर प्रस्तुति पर ये हुए पुरस्कृत
समारोह के समापन अवसर पर उत्कृष्ट शोध-पत्र, पोस्टर प्रस्तुति और क्विज विजेताओं को पुरस्कृत किया गया:
- सीनियर कंसल्टेंट वर्ग: प्रथम – डॉ. गरिमा उप्रेती (एम्स राजकोट), द्वितीय – डॉ. हनीफा अख्तर (एम्स गुवाहाटी) व डॉ. यामिनी गुप्ता, तृतीय – डॉ. प्रतिष्ठा सचान।
- जूनियर कंसल्टेंट वर्ग: प्रथम – डॉ. दिव्या सेठी, द्वितीय – डॉ. पहौल सेखों, तृतीय – डॉ. शुभम ओझा व डॉ. सूर्यकांत तिवारी।
- पीजी वर्ग: प्रथम – डॉ. विनोथकन्नन, द्वितीय – डॉ. शिवानी त्रिपाठी, तृतीय – डॉ. मोहम्मद यज़ीन व डॉ. अन्वेषा।
- पोस्टर प्रस्तुति: प्रथम – डॉ. अनुष्का सिंह तोमर, द्वितीय – डॉ. सौरव मेहला, तृतीय – डॉ. चंचल सुनील कुमार व डॉ. मृणाली सोनी।
- NES क्विज विजेता: डॉ. अभिप्सिा होता।
पुरस्कार विजेताओं को सर्जिकल उपकरण, चिकित्सा पुस्तकें और आयोजन सचिव डॉ. राहुल अग्रवाल द्वारा लिखित “टेम्पोरल बोन डिसेक्शन मैनुअल” भेंट की गई।
ग्वालियर में ही उपलब्ध हैं आधुनिक सर्जरी: डॉ. राहुल अग्रवाल
समापन संबोधन में अग्रवाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ ईएनटी, कॉक्लियर इम्प्लांट एवं स्लीप एप्निया सर्जन डॉ. राहुल अग्रवाल ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए सभी प्रतिभागियों और विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर में वर्ष 2009 से कॉक्लियर इम्प्लांट और कान की आधुनिक माइक्रोस्कोपिक सर्जरी निरंतर की जा रही है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से देश के शीर्ष विशेषज्ञों ने कान, शरीर के संतुलन और चक्कर से जुड़ी बीमारियों के इलाज की नवीनतम तकनीकों को साझा किया है। अब कॉक्लियर इम्प्लांट, स्टेपिडोटॉमी और कोलेस्टीटोमा सर्जरी जैसी जटिल सर्जरी और वर्टिगो के उपचार के लिए मरीजों को दिल्ली या अन्य महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं है। समय पर जांच और सही उपचार से जन्म से बहरे बच्चों और सुनने की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीजों में सुनने की क्षमता काफी हद तक वापस लाई जा सकती है।