Homeदेशपाकपरस्त अलगाववादी संगठन जेकेएलएफ पर आतंक विरोधी कानून के तहत प्रतिबन्ध

पाकपरस्त अलगाववादी संगठन जेकेएलएफ पर आतंक विरोधी कानून के तहत प्रतिबन्ध

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को आतंक विरोधी कानून के तहत बैन कर दिया है. केंद्र का यह फैसला अलगाववादियों पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि अलगाववादी नेता यासीन मलिक जेकेएलएफ के प्रमुख हैं. बता दें कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पुलवामा हमले के 8 दिन बाद 22 फरवरी को यासीन मलिक को गिरफ्तार किया था.

जेकेएलएफ पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन करने का आरोप लगता रहा है. गृह सचिव राजीव गाबा ने जेकेएलएफ पर बैन की जानकारी देते हुए बताया कि जेकेएलएफ के खिलाफ 37 एफआईआर दर्ज हैं. जिनमें वायुसेना के चार अधिकारियों की हत्या का मामला और मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबैया सईद के अपहरण का मामला शामिल है.

उन्होंने कहा कि यह संगठन आतंक को बढावा देने के लिए अवैध तरीके से धन मुहैया कराने के लिए जिम्मेवार रहा है. यह संगठन चंदा एकत्र कर घाटी में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत के कार्यकर्ताओं और पत्थरबाजों के बीच धन के वितरण और विध्वंसकारी गतिविधियों को बढावा देने के कार्य में भी सक्रिय रूप से लिप्त रहा है.

JKLF को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली हुई थी और इसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तीन महीने से चल रही थी. इससे पहले जमात ए इस्लामी पर भी बैन लगाया जा चुका है. ये साफ संदेश देता है कि अलगाववाद के खिलाफ सरकार की कड़ी नीति जारी है और इसे और कड़ा किया जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस सिलसिले में पिछले कई दिनों से जम्मू कश्मीर में छापेमारी कर रही थी. इस कड़ी में ईडी ने यासीन मलिक के कई ठिकानों पर भी छापेमारी की थी.

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