आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों और पूरी दुनिया को पहले से था. पाकिस्तान में सेना के समर्थन से इमरान खान सत्ता पर काबिज होने की ओर बढ़ रहे हैं.
ऐसे में पाकिस्तान में वही नतीजे सामने आ रहे हैं, जो वहां की सेना और आईएसआई चाहती थी. आरोप के मुताबिक पाकिस्तान सेना ने पूरा जोर इमरान को जीताने में लगा दिया था. हालांकि सेना यह भी नहीं चाहती थी कि इमरान को बड़ी जीत हासिल हो, क्योंकि तब लगाम सेना के हाथ में रहती. ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है. इमरान जीत के करीब तो हैं, लेकिन वे सामान्य बहुमत या बहुमत से एक दो सीट कम हासिल करते दिखाई दे रहे हैं.
नवाज शरीफ की पार्टी (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पिपल्स पार्टी दोनों की नेतृत्व वाली सरकार के साथ भारत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अब इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के साथ डील करने का एक नया अनुभव होगा.