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पाक सेना जो चाहती थी वही हुआ, इमरान की जीत भारत के लिए खतरे की घण्टी

आख‍िरकार वही हुआ जिसका अंदेशा पाकिस्तान की विपक्षी पार्ट‍ियों और पूरी दुनिया को पहले से था. पाकिस्तान में सेना के समर्थन से इमरान खान सत्ता पर काबिज होने की ओर बढ़ रहे हैं.

 

पाकिस्तान में बुधवार को आम चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ था. मतदान खत्म होने के तुरंत बाद ही पूरे देश में वोटों की गिनती शुरू हो गई थी. देर रात तक पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) रुझानों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, अभी तक पाकिस्तान की हंग असेंबली बनती हुई दिख रही है. कुछ सीटों पर वोटों की काउंटिंग जारी है.

 

अभी तक आए रुझानों में PTI 119, PML(N) 56, PPP 34 सीटों पर आगे चल रही है. इसके अलावा 58 सीटों पर अन्य उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. कुल 272 सीटों में 267 सीटों के रुझान अबतक सामने आए हैं. बहुमत के लिए 137 सीटों की जरूरत है. PML(N) के शहबाज शरीफ, PPP के बिलावल भुट्टो, MMA के फजल उर रहमान, जमात ए इस्लामी के सिराज उल हक अपनी-अपनी सीट पर चुनाव हार गए हैं.
ऐसे में पाकिस्तान में वही नतीजे सामने आ रहे हैं, जो वहां की सेना और आईएसआई चाहती थी. आरोप के मुताबिक पाकिस्तान सेना ने पूरा जोर इमरान को जीताने में लगा दिया था. हालांकि सेना यह भी नहीं चाहती थी कि इमरान को बड़ी जीत हासिल हो, क्योंकि तब लगाम सेना के हाथ में रहती. ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है. इमरान जीत के करीब तो हैं, लेकिन वे सामान्य बहुमत या बहुमत से एक दो सीट कम हासिल करते दिखाई दे रहे हैं.
ऐसे में पूर्व क्र‍िकेटर इमरान खान की जीत पाकिस्तान के लिए कितनी फायदेमंद रहेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन भारत के लिए चिंता का सबब जरूर बन सकती है.
नवाज शरीफ की पार्टी (पीएमएल-एन) और  पाकिस्तान पिपल्स पार्टी दोनों की नेतृत्व वाली सरकार के साथ भारत द्व‍िपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की कोश‍िश कर चुका है, लेकिन अब इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी  के साथ डील करने का एक नया अनुभव होगा.
पाकिस्तान सेना पहले से ही चाहती थी कि कोई स्थ‍िर नागरिक सरकार सत्ता में न आए, क्योंकि इससे प्रशासन पर उसका प्रभाव कम होता. ऐसे में वह इमरान खान की पार्टी को बढ़ावा दे रही थी. इमरान खान की सोच सेना की सोच से काफी मिलती जुलती है. ऐसे में इस साधारण जीत से इमरान ज्यातार सेना के इशारे पर चलने के लिए मजबूर होंगे.
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