Homeप्रमुख खबरेंपितृपक्ष के बाद नवरात्रि में सत्ता और संगठन में बड़े स्तर...

पितृपक्ष के बाद नवरात्रि में सत्ता और संगठन में बड़े स्तर पर नियुक्तियों की तैयारी, सरकार में नए चेहरे और शासी निकायों हेतु कार्यकर्ताओं की सूची पर मंथन

प्रवीण दुबे
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार को दो वर्ष पूरे हो चुके हैँ लेकिन सत्ता की चासनी केवल मंत्रियों या फिर अफसरशाही को ही चाटने को मिली है पार्टी का कार्यकर्त्ता दूर ही से ललचाई आंखों के साथ खाली हाथ खड़ा है, लेकिन पार्टी के भीतर से कार्यकर्ताओं के लिए कुछ बेहतर होने की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है।
जैसी की खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक
मध्यप्रदेश में सत्ता पक्ष के भीतर यह चर्चा जोरों पर है कि पितृपक्ष के बाद भाजपा संगठन और सरकार बड़े फैसले कर सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश संगठन की टीम इस दिशा में सक्रिय बताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि नवरात्रि में संगठन और सरकार मिलकर नियुक्तियों और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
बता दें, अभी मोहन कैबिनेट में चार मंत्रियों की जगह खाली है।  2024 में सत्ता संभालने के बाद से अब तक निगम-मंडल और आयोगों में किसी भी नेता को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। ऐसे में विभागों का पूरा काम मंत्री और प्रशासनिक अफसरों पर है। सरकार के अधिकारियों पर ज्यादा आश्रित होने से  अफसरशाही बेलगाम हो रही है और इससे मंत्रियों का गुस्सा सार्वजनिक रूप से दिखने लगा है
विधायक तो ठीक, मोहन सरकार के कई मंत्री सार्वजनिक तौर पर अफसरों के बेलगाम होने और काम नहीं सुनने की शिकायत कर चुके हैं।
अफसरों के रवैए से परेशान मंत्री अब कैबिनेट बैठक में अफसरों की शिकायत मुख्यमंत्री से कर रहे हैं। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री प्रद्युमन सिंह ने हा था कि ग्वालियर में हालत खराब हैं। अफसर सुनते नहीं हैं। ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने भी मुख्यमंत्री के सामने यह बात स्वीकारी थी। राजस्व मंत्री करण सिंह ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव से तबादलों को लेकर शिकायत की थी।
 अफसर व जनप्रतिनिधियों का आमने-सामने होना कई सवाल खड़े कर रहा है।  और इसने मध्यप्रदेश में भाजपा के नीति निर्धारकों के होश उड़ा दिए हैं
पार्टी के अंदर यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक कार्यकर्ताओं की अनदेखी करके अफसरशाही पर आश्रित होने का आखिर क्या लाभ है? और कब तक नियुक्तियों को टाला जाएगा?
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments