पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली अल्पसंख्यक महिला उम्मीदवार माफ़ूज़ा ख़ातून पार्टी के प्रति आम लोगों की धारणा बदलना चाहती हैं.
मुर्शिदाबाद ज़िले के जांगीपुर संसदीय सीट से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी के ख़िलाफ़ मैदान में उतरी ख़ातून को अबकी अपनी जीत का भरोसा है.
वह दावा करती हैं, “अबकी इलाक़े में लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है. सब लोग इस बार यहां कांग्रेस की जगह बीजेपी को जिताने की बात कह रहे हैं.”
माफ़ूज़ा ख़ूतून अपने चुनाव अभियान के दौरान इलाक़े के बीड़ी मज़दूरों की समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही हैं ताकि जीतने के बाद इस मुद्दे को संसद में उठा सकें.
कांग्रेस के गढ़ में पहली अल्पसंख्यक महिला उम्मीदवार बना कर पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है उसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के प्रति आभार जताती हैं.
सीपीएम के टिकट पर दक्षिण दिनाजपुर ज़िले की कुमारगंज सीट से दो-दो बार (वर्ष 2001 और 2006) विधायक रहीं माफ़ूज़ा ख़ातून ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में पराजय के साल भर बाद बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ली थी