भारतीय वायुसेना के विमानों ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया. इस इलाक़े में मौजूद लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थान बीबीसी को बताया आँखों देखा हाल. शब्दशक्तिन्यूस अपने पाठकों के लिए बीबीसी से साभार यहां प्रस्तुत कर रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ भारतीय वायु सेना के हमले काफ़ी ख़ौफनाक थे, जिससे सोए लोगों की नींद टूट गई.
जाबा टॉप बालाकोट निवासी मोहम्मद आदिल ने बीबीसी को बताया कि धमाके इतने तेज़ थे कि जैसे कोई ज़लज़ला आ गया हो.
उन्होंने कहा, “सुबह तीन बजे का टाइम था, आई. ऐसा लगा ज़लज़ला आया हो. हम रातभर नहीं सोए. पांच-दस मिनट बाद हमें पता चला कि धमाका हुआ है.”
आदिल ने बताया कि पांच धमाके एक ही समय हुए और कई ज़ख़्मी हो गए. फिर कुछ देर बाद आवाज़ आनी बंद हो गई.
रत सरकार के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया है कि इस हमले में विशेष तौर पर केवल जैश के शिविर को निशाना बनाया गया और विशेष ध्यान रखा गया कि आम लोग इसकी चपेट में ना आएँ.
ये कैंप घने जंगलों में एक पहाड़ी पर था जो आम आबादी वाले इलाक़े से दूर है.
बालाकोट के एक दूसरे प्रत्यक्षदर्शी वाजिद शाह ने बीबीसी बताया कि उन्होंने भी धमाके की आवाज़ सुनी.
उन्होंने कहा, “ऐसा लगा जैसे कि कोई राइफ़ल से फ़ायर कर रहा हो. तीन बार धमाके की आवाज़ सुनाई दी, फिर ख़ामोशी छा गई.”