प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही अपने
सांसदों,मंत्रियों आदि से लग्ज़री लाइफ न जीने बड़े होटलों,हवाई यात्रा का उपयोग कम से कम करने तथा एक आम आदमी की तरह जीवन जीने की बात कहें लेकिन सच तो यह है कि चमक दमक भरी सुविधाभोगी लाइफ जीने के आदी हो चुके नेतागण इसे मानने को तैयार ही नहीं वे तो हवाई यात्रा से लेकर सारी सरकारी सुविधाओं का न केवल बढ़ चढ़कर इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि इसमें जरा सी भी कटोती हो जाये तो सार्वजनिक रूप से बवाल मचाने तक मैं नहीं हिचक रहे।
भिंड से सांसद भागीरथ प्रसाद राजाभोज एयरपोर्ट से मंगलवार सुबह दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट में बिजनेस क्लास की सीट नहीं मिलने पर भड़क गए। उन्होंने एयर इंडिया स्टाफ से नाराजगी जाहिर की। एयर इंडिया ने सांसद को इकोनॉमी क्लास की सीट आवंटित कर दी थी। संयोग से उनके बगल में ही नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बैठे हुए थे। बाद में एयर इंडिया प्रबंधन ने उनके लिए बिजनेस क्लास में सीट का इंतजाम किया। हालांकि उनके इस हंगामे की वजह से एयर इंडिया की दिल्ली फ्लाइट करीब 15 मिनट लेट हो गई।
सूत्रों के मुताबिक भागीरथ प्रसाद को एयर इंडिया के विमान में ईकोनॉमी क्लास की जो सीट आवंटित थी, उसी के बगल में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बैठे थे। इकोनॉमी क्लास की सीट देखकर वे एयर इंडिया स्टाफ पर नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि मुझे बिजनेस क्लास की सीट चाहिए। मैं यहां नहीं बैठ सकता। इतना कहकर वे इकोनॉमी क्लास में ही अन्य पंक्ति की सीट पर जाकर बैठ गए।
सूत्रों के मुताबिक भागीरथ प्रसाद को आवंटित सीट का नंबर 4ए था और अजय सिंह 4सी सीट पर बैठे थे। इसके बाद स्टाफ ने उनके लिए बिजनेस क्लास की सीट की व्यवस्था की। इस पूरे मामले की वजह से फ्लाइट करीब 15 मिनट लेट हो गई।
हालांकि एयर इंडिया प्रबंधन ने किसी तरह के विवाद से इनकार किया है। एयर इंडिया के रीजनल मैनेजर विश्रुत आचार्य का कहना है कि गलती से भागीरथ प्रसाद की सीट इकोनॉमी क्लास में आवंटित कर दी गई थी। किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ।
भले ही बात आगे न बढ़ने देने के लिए एयर इंडिया ने अपनी गलती मान ली लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुछ मिनटों की हवाई यात्रा इकनॉमी क्लास मैं करने में भागीरथ प्रसाद को आखिर क्या परेशानी थी जो उन्होंने इतना बवाल किया कि फ्लाईट लेट करा दी।