प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिवाली गोवा तट पर भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाने पहुंचे। सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारवार के तट पर आईएनएस विक्रांत का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों को भी संबोधित किया।
बता दें कि 2014 से प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद से पीएम मोदी लगातार सशस्त्र बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाते रहे हैं।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi went to INS Vikrant off the coast of Goa and met with Indian Navy personnel on the occasion of #Diwali.
While onboard INS Vikrant, PM Modi went to the Flightdeck, surrounded by the MiG 29K fighters, witnessed the Air Power Demo, the takeoff… pic.twitter.com/wHkR5IlNVe
— ANI (@ANI) October 20, 2025
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को इतनी जल्दी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया’
पीएम मोदी ने कहा, कुछ महीने पहले ही हमने देखा कि कैसे विक्रांत नाम ने ही पूरे पाकिस्तान में खौफ की लहर दौड़ा दी थी। इसकी ताकत ऐसी है… एक ऐसा नाम जो युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मन के हौसले पस्त कर देता है। यही है आईएनएस विक्रांत की ताकत… इस अवसर पर, मैं विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों को सलाम करना चाहता हूं। भारतीय नौसेना द्वारा जो भय पैदा किया गया है, भारतीय वायुसेना द्वारा दिखाए गए अद्भुत कौशल ने, भारतीय सेना की जांबाजी ने, तीनों सेनाओं के जबरदस्त समन्वय ने, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को इतनी जल्दी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था और इसलिए आज मैं फिर एक बार आईएनएस विक्रांत की इस पवित्र साधना स्थली से, पराक्रमी स्थली से, तीनों सेना के जांबाज जवानों को सलाम करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, पिछले एक दशक में हमारा रक्षा उत्पादन तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया है। पिछले साल ही यह लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 2014 से भारत ने नौसेना को 40 से अधिक स्वदेशी युद्धपोत और पनडुब्बियां प्रदान की हैं। अब हम औसतन हर 40 दिन में एक नया स्वदेशी युद्धपोत या पनडुब्बी नौसेना में शामिल कर रहे हैं। ब्रह्मोस और आकाश जैसी हमारी मिसाइलों ने भी ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता साबित की है। ब्रह्मोस नाम अपने आप में इतना प्रसिद्ध है कि इसे सुनते ही कई लोग उत्सुक हो जाते हैं और सोचते हैं कि क्या ब्रह्मोस आ रहा है। आज दुनिया भर के कई देश इन मिसाइलों को खरीदना चाहते हैं। जब भी मैं विशेषज्ञों से मिलता हूं, तो वे सभी एक ही इच्छा व्यक्त करते हैं कि वे भी इस तक पहुंच चाहते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के अग्रणी रक्षा निर्यातकों में शुमार कराना है। पिछले एक दशक में हमारे रक्षा निर्यात में 30 गुना से भी ज़्यादा की वृद्धि हुई है और इस सफलता के पीछे रक्षा स्टार्टअप्स और स्वदेशी रक्षा इकाइयों की बहुत बड़ी भूमिका रही है। हमारा विज्ञान, हमारी समृद्धि और हमारी ताकत मानवता की सेवा और सुरक्षा के लिए है। आज, एक परस्पर जुड़ी हुई दुनिया में, जहां राष्ट्रों की अर्थव्यवस्थाएँ और प्रगति समुद्री मार्गों पर निर्भर करती हैं। भारतीय नौसेना वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज दुनिया की 66% तेल आपूर्ति और 50% वैश्विक कंटेनर शिपमेंट हिंद महासागर से होकर गुजरते हैं। इन मार्गों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना भारतीय समुद्रों के एक रक्षक की तरह तैनात है।