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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा विवाद के संबंध में प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच करेगी

ग्वालियर/ बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा विवाद के संबंध में प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच करेगी
भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा विवाद के संबंध में अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका को सुनवाई बाबत ग्वालियर बेंच से जबलपुर बेंच ट्रांसफर कर दी गई है अब उक्त मामले की सुनवाई जबलपुर बेंच द्वारा की जाएगी

अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट खंडपीठ ग्वालियर में दिनांक 13 6 2025 को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा विवाद के संबंध में एक जनहित याचिका इस आशय की प्रस्तुत की गई थी उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मार्च 2025 में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर के रजिस्टर का एक पत्र वायरल हुआ जिसमें हाई कोर्ट खंडपीठ ग्वालियर परिसर में भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव था हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर द्वारा उक्त प्रस्ताव का इस आशय से विरोध किया गया कि नियमों की अनदेखी कर उक्त प्रस्ताव अवैधानिक रूप से पारित किया गया जिसमें बार एसोसिएशन एवं भवन समिति की स्वीकृति नहीं ली गई धीरे-धीरे उक्त मूर्ति की स्थापना के संबंध में दो गुट निर्मित हो गए एक पक्ष हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर के पक्ष में विरोधस्वरूप स्वरूप जब कि दूसरा पक्ष उक्त मूर्ति स्थापित किए जाने के पक्ष में, उक्त विवाद करीब तीन माह से चल रहा है जो की धीरे-धीरे जातीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है किंतु शासन और प्रशासन तथा हाईकोर्ट प्रशासन उक्त विवाद का वैधानिक हल खोजने का कोई प्रयास नहीं कर रहे जबकि समाज में सामाजिक सौहार्द भाईचारा तथा कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है
याचिका में उल्लेख किया गया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने की विरोध के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व तथा देश में उनके योगदान के विरुद्ध सोशल मीडिया एवं दैनिक समाचार पत्रों में असत्य एवं भ्रामक खबरें प्रकाशित एवं प्रसारित हो रही हैं वहीं बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित किए जाने के समर्थन में जातिवादी संगठन मूर्ति का विरोध करने वाले लोगों को खुलेआम धमकियां, मार काट तथा उग्र आंदोलन की धमकियां दे रहे हैं उक्त संबंध में विभिन्न संगठन न केवल विभिन्न न्यायालयों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं बल्कि अब तो हाई कोर्ट परिसर के साथ-साथ अन्य न्यायालयों के अंदर भी प्रदर्शन हो रहे हैं जिससे न केवल कानून व्यवस्था ध्वस्त हो रही है बल्कि न्यायपालिका की पवित्रता एवं गरिमा भी तर-तर हो रही है उक्त मूर्ति विवाद धीरे-धीरे ग्वालियर शहर के साथ-साथ पूरे प्रदेश एवं देश में फैलता जा रहा है ऐसा ना हो कि मणिपुर हाईकोर्ट के एक आदेश से जिस तरह मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू हुआ वैसा ही कहीं मध्य प्रदेश में भी स्थिति निर्मित ना हो जाए इसलिए हाईकोर्ट प्रशासन को उक्त संबंध में तुरंत कदम उठाने होंगे
याचिका में उल्लेख किया गया की संपूर्ण देश में किसी भी हाईकोर्ट अथवा किसी भी न्यायालय में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर अथवा किसी भी महापुरुष की कोई भी प्रतिमा स्थापित नहीं है जैसी की मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ग्वालियर में स्थिति निर्मित हुई है विरोध और समर्थन करने वाले कुछ लोगों को चिन्हित कर टारगेट किया जा रहा है निसंदेह ऐसी स्थिति में कभी भी कोई अपनी घटना घटित हो सकती है क्योंकि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा विवाद जातीय संघर्ष की ओर बढ़ता जा रहा है लेकिन दुखद पहलू यह है कि उक्त मुद्दे को सुलझाने के लिए ना तो प्रशासन और नहीं न्यायपालिका की ओर से कोई प्रयास किया जा रहा है सोशल मीडिया में उक्त मुद्दे को लेकर बुरी तरह से आग लगी हुई है दोनों पक्ष एक दूसरे को मरने मारने की बात कर रहे हैं यहां तक की आराध्य देवी देवताओं को भी अपमानित कर धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी जा रही है 11 जून 2025 को भीम आर्मी नमक राजनीतिक दल ने उक्त मूर्ति विवाद को लेकर हाईकोर्ट खंडपीठ ग्वालियर में प्रदर्शन करने का प्रयास किया जिस तरह से भीम आर्मी आक्रामक है इसी तरह से यदि दूसरे पक्ष के समर्थन में भी कोई सामाजिक और राजनीतिक दल आक्रामक हुए तो सामाजिक एवं कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाएगी यहां तक की सामाजिक ताना-बाना छिन्न भिन्न हो जाएगा और न्यायपालिका की छवि तारतार हो जाएगी दिनांक 11 6.2025 को भीम आर्मी का उक्त मूर्ति विवाद को लेकर ग्वालियर में प्रदर्शन किया गया जिसमें मूर्ति स्थापित किए जाने के संबंध में मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट जबलपुर को एक माह में मूर्ति स्थापित करने के लिए अल्टीमेटम दिया गया
याचिका में मांग की गई कि भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने अथवा न किए जाने के संबंध में अति शीघ्र उचित एवं वैधानिक निर्णय लिया जावे शासन प्रशासन को आदेशित किया जावे की मूर्ति स्थापित किए जाने के विरोध या समर्थन में किसी भी प्रकार का कोई भी कार्यक्रम प्रदर्शन अथवा ज्ञापन देने के संबंध में किसी भी व्यक्ति अथवा किसी भी संगठन को हाई कोर्ट परिसर अथवा किसी भी न्यायालय के परिसर की अनुमति न दी जावे सोशल मीडिया पर नजर रखी जावे ताकि उक्त विवाद के संबंध में असत्य निराधार भड़काऊ और उन्माद फैलाने वाली खबरें पोस्ट ना होने पाए साथ ही ऐसे किसी भी कार्यक्रम की अनुमति प्रदान न की जावे जिससे समाज में वैमनस्यता पैदा हो साथ ही शासन प्रशासन को आदेशित किया जावे की भारत रत्न भीमराव अंबेडकर अथवा किसी भी महापुरुष अथवा किसी भी धर्म के आराध्य देवी देवताओं के विरुद्ध कोई भी मानहानिकारक अथवा अपमानजनक पोस्ट मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर प्रसारित अथवा प्रकाशित न हो
चूंकि उक्त पिटीशन में शासन प्रशासन तथा केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के अलावा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर को रजिस्टार जनरल के माध्यम से तथा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट खंडपीठ ग्वालियर को प्रिंसिपल रजिस्टर के माध्यम से भी पक्षकार बनाया गया है इसलिए मामले की सुनवाई के लिए उक्त पिटीशन को हाई कोर्ट बेंच ग्वालियर से मुख्य बेंच जबलपुर को ट्रांसफर कर दिया गया है

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