ग्वालियर/ टेकनपुर /देश की सीमाएं राष्ट्र विरोधी तत्वों की घुसपैठ, संगठित अपराध और आतंकवाद की दृष्टि से संवदेनशील हैं। सीमा सुरक्षा बल के युवा कमांडर होने के नाते आपको देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वूर्ण भूमिका अदा करनी है।यह बात केंद्रीय खेल एवं युवा मामले और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर के रानी लक्ष्मीबाई परेड स्थल में आयोजित सहायक कमांडेंट (विभागीय भर्ती) कोर्स क्रमांक-13 के दीक्षांत समारोह को संबोधिन करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति भी चुनौतियों से भरी हैं, जिनका सामना करने में आप लोगों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। अकादमी के अनुदेशकों ने जो आपको ज्ञान, निपुणता और व्यवहार की शिक्षा दी है, उसकी असली परीक्षा बटालियन पहुंचते ही प्रारंभ हो जाएगी। आपको वहां पर सच्चा लीडर साबित होना है। कई बार ऐसी परिस्थितियां आएंगी जहां आपको चुनौतियों एवं खतरों का सामना करते हुए मानसिक और शारीरिक साहस का परिचय देना होगा। आपकी अव्वल दर्जे की कर्तव्यपरायणता और सत्यनिष्ठा ही आपकी वर्दी की आईना होगी। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल देश के सर्वोत्तम सुरक्षा बलों में से एक है, जिसने 1971 के युद्ध में अमिट छाप छोड़ी है। इस बल ने तमाम मुश्किलों के वाबजूद भी अच्छे परिणाम दिए हैं।आपको सीमा सुरक्षा बल का सदस्य होने पर गर्व होना चाहिए। अकादमी में आपके द्वारा प्राप्त किए गए प्रशिक्षण को देखकर मैं कह सकता हूं कि आपके हाथों में सीमा सुरक्षा बल का भविष्य सुरक्षित है। आप अपने लगन एवं कठोर परिश्रम से न सिर्फ सीमा सुरक्षा बल का बल्कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करेंगे।

श्री ठाकुर ने कहा कि सशक्त बलों में खेलों की अहम भूमिका है और खेल सशक्त बलों के सदस्यों में प्रतियोगिता का भाव, मनोबल और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मैं यह कह सकता हूं कि यह सामंजस्य सैन्य जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सीमा सुरक्षा बल इस क्षेत्र में अग्रणी योगदान दे रहा है। सीमा सुरक्षा बल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक ख्यातिप्राप्त खिलाड़ियों को तैयार करने का गौरव प्राप्त है। सीमा सुरक्षा बल एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, पर्वतारोहण, नौकायन और घुड़सवारी जैसे खेलों के उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार कर रहा है। सीमा सुरक्षा बल के खिलाड़ी 5 पद्म श्री, 2 द्रोणाचार्य पुरस्कार और 18 अर्जुन पुरस्कार से सुज्जित हैं।
श्री ठाकुर ने कहा कि भारत वर्ष देश की आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आजादी के 75 वर्ष, यह हम सबके लिए गौरवपूर्ण विषय है। मै स्वतंत्रता के इस महापर्व में खुद को आहूत करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और देश की सेवा में समर्पित सभी वीर सैनिकों को नमन करता हूं। आपका बलिदान एवं समर्पण हमें सदैव राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। आज इस दीक्षांत समारोह के मंच से राष्ट्र की समृद्धि, आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न और देश की बाहरी और भीतरी ताकतों से सुरक्षा के लिए आप सभी की भागीदारी का आह्वान करता हूं। श्री ठाकुर ने इस अवसर पर बीएसएफ के महानिदेशक श्री पंकज कुमार सिंह, अकादमी के निदेशक और प्रशिक्षण पाए अधिकारियों के माता,पिता एवं परिवार वालों को भी धन्यवाद दिया। इससे पहले श्री ठाकुर ने परेड का निरीक्षण किया और शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किया। श्री ठाकुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशिणर्थियो को पुरस्कार भी प्रदान किए। कार्यक्रम को महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल श्री पंकज कुमार सिंह ने संबोधित किया। 78 प्रशिक्षार्थियों में 3 महिलाएं भी थीं। कार्यक्रम में ग्वालियर के सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर भी उपस्थित थे।