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भारतीय अपनी सम्पदा का सही आकलन करें : दवे

राष्ट्रोत्थान न्यास का तीन दिवसीय ज्ञान प्रबोधनी व्याख्यान माला का दूसरा दिवस
ग्वालियर।अगर भारतीय अपनी सम्पदा का सही आकलन करें तो पाएंगे कि भारत विश्व गुरू था, है और रहेगा. वर्तमान में भी विश्व पटल पर भारत की धमक बढ़ी है.विदेशी मिडिया भी आज भारत का लोहा मान रहा है।
यह बात साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक डॉ विकास दवे ने मुख्यवक्ता की आसंदी से राष्ट्रोत्थान न्यास ग्वालियर की तीन दिवसीय ज्ञान प्रबोधनी के दूसरे दिवस कही. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय पैरा स्विमर सतेंद्र सिंह लोहिया थे, अध्यक्षता न्यूरोलोजिस्ट डॉ विवेक जैन ने की। नई सड़क स्थित राष्ट्रोत्थान न्यास भवन में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री दवे ने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम अपना सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत वैदिक काल से लेकर आज तक हर क्षेत्र में अग्रणी है. यहां तक गुलामी के समय भी हमने अहिंसा का संदेश दिया। डॉ दवे ने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम के विद्वानों ने हमारी सम्पदा को चोरी कर उसे अपनी खोज बताकर विश्व के सामने प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि भारतीय कालगणना आज भी सटीक है. सापेक्षता के सिद्धांत का जनक आइंस्टिन को मना जाता है, जबकि इसका उदाहरण हमारे रेवतक पुराण में है
*विदेशी अपना रहे हैं भारतीय संस्कृति*
डॉ दवे ने कहा कि भारतीय संकृति से प्रभावित होकर आज विदेशी लोग हमरी संस्कृति को अपना रहे हैं. यूट्यूब का वेस्ट ओफ द ईयर वीडियो जिसे अरबों लोगो ने देखा है उसमें सिडनी के उद्योगपति एलान फोर्ड ने भारतीय वैदिक पद्धति से विवाह कर लोगों से अपील की अगर आप अपनी शादी को क़ायम रखना चाहते हैं तो मंत्रोच्चार के साथ अग्नि के फेरे लें। डॉ दवे ने कहा कि मलेशिया के दो मुस्लिम भाई बहन ने सरकार का आदेश के बाद भी नटराज की पूजा करना बंद नहीं की इसकी वजह से उन्हें देश भी छोडऩा पड़
*गाय के गोबर से परमाणु विकरण होते हैं नष्ट*
मुख्य वक्ता डॉ दवे ने कहा कि हमारे यहां गाय को माता का दर्जा दिया जाता है. उसका दूध तो गुणकाकारी है ही. इसके आलावा गाय का गोबर और मूत्र भी फायदेमंद है। जापान के हीरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम विस्फोट के बाद वहाँ विकलांग बच्चे पैदा हो रहे थे, तब भारत के एक संत के कहने पर वहां कि सरकार ने भारत की देसी गाय को मंगवाकर अपने घरों को गोबर से लिपवाना शुरू किया. उसके बाद ही इस समस्या से निजात मिली।इससे पहले अतिथियों का परिचय राष्ट्रोत्थान न्यास के सचिव अरुण अग्रवाल ने दिया. अतिथियों का स्वागत राष्ट्रोत्थान न्यास के न्यासी अशोक पाठक एवं अरुण अग्रवाल ने किया. कार्यक्रम की प्रस्तावना न्यासी डॉ कुमार संजीव ने प्रस्तुत की. व्यक्तितगत गीत शुभम बिष्ट ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ वीरेंद्र वर्मा एवं आभार न्यासी डॉ श्रीप्रकाश लोहिया ने व्यक्त किया. कार्यक्रम का समापन शुभम बहादुर ने वन्देमातरम गीत से किया।

*सफलता के लिए जरूरी है अपने ऊपर विश्वास होना*
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतराष्ट्रीय पैरा स्विमर सतेंद्र लोहिया ने कहा कि दिव्यांगता शरीर की नहीं मन और सोच की होती है.अपनी सोच से ही हमने एक मुकाम हासिल किया है.उन्होंने कहा कि सफलता के लिए अपने ऊपर विश्वास होना बहुत जरूरी है।

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