मध्यप्रदेश में गोवध निषेध कानून तोड़ने वालों को सज़ा का प्रावधान किया गया है. राज्य की कांग्रेस सरकार ने इस क़ानून में संशोधन को मंज़ूरी दी है.
कमलनाथ मंत्रिमंडल ने संशोधन को हरी झंडी दे दी है.
इस तरह के मामलों में पहली बार में तीन साल तक की सज़ा और दोबारा पकड़े जाने पर पांच साल तक की सज़ा का प्रावधान होगा. साथ ही पचास हज़ार रुपये जुर्माना भी हो सकता है.
मौजूदा समय में ऐसे अपराधों में भारतीय दंड संहिता और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत कार्रवाई होती है.