मध्य प्रदेश स्कूल वाहन चालक सेवा समिति के अध्यक्ष शिव कुमार सोनी ने जानकारी में बताया है की पूरे मध्य प्रदेश से 22950 समिति सदस्य इस स्वेच्छा बंदी में शामिल हो रहे है।वाहन चालक चरित्र सत्यापन की समस्याओं को लेकर समिति सदस्यों ने बंदी का आह्वान किया है।
गौरतलब है कि, इंदौर में दिल्ली पब्लिक स्कूल बस हादसे में चार छात्रों और ड्राइवर की मौत के बाद आरटीओ विभाग की सख्ती के चलते विरोध के स्वर मुखर हो रहे है।जबकि कुछ रोज भोपाल में परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 15 साल से पुराने स्कूल वाहनों को परमिट देने पर संबंधित आरटीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिए कि आरटीओ सप्ताह में चार दिन फील्ड में विजिट कर वाहनों की चेकिंग करें,साथ ही 30 जनवरी तक विशेष चेकिंग अभियान चलाएंं।परिवहन मंत्री सिंह ने आगे कहा कि चेकिंग अभियान के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करवाया जाएगा। स्पीड गवर्नर और जीपीएस गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। वाहन में बैठने वाले बच्चों की संख्या निर्धारित हो। स्कूल वाहनों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए, वाहन चालकों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिलवाया जाए।