अब जनता नहीं पार्षद चुनेंगे महापौर
भोपाल| अब यह साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश में महापौर के चुनाव सीधे न कराकर पार्षदों के जरिये होगा| सूत्रों के हवाल से आ रही खबर के मुताबिक राज्यपाल लालजी टंडन ने मंगलवार सुबह महापौर निर्वाचन अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इससे पहले इस प्रस्ताव को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई थी, वहीं सोमवार शाम को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी राज्यपाल से मुलाकात की थी| पूर्व सीएम शिवराज ने राज्यपाल से मुलाकात कर इस अध्यादेश का विरोध किया था| बीजेपी का मानना है कि महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ही हो, कांग्रेस को हार का डर है इसलिए यह फैसला लिया गया है|
अब मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से न होकर अप्रत्यक्ष रूप से होगा। पहले जनता पार्षद के साथ ही महापौर का भी चयन करती थी। नए अध्यादेश के तहत अब जनता पार्षद को चुनेगी और पार्षद ही अपनी पसंद का महापौर चुनेंगे। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को सुबह राज्यपाल लालजी टंडन ने राज्य सरकार के अध्यादेश को मंजूरी दे दी।
इससे पहले सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव से सम्बंधित दो अध्यादेशों को मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा था| राज्यपाल ने एक अध्यादेश को मंजूरी देकर अन्य महापौर चुनाव बिल को रोक लिया था| इसके बाद कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट कर राज्यपाल को राजधर्म निभाने की सलाह दी थी| उनके इस ट्वीट के बाद ऐसा माना जा रहा था कि राज्यपाल इससे नाराज हैं| वहीं सोमवार शाम को मुख्यमत्री ने राज्यपाल से मुलाकात की| इसके बाद राजभवन से खबर आई कि अध्यादेश को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी