Homeधर्म कर्ममां कनकेश्वरी की भागवत कथा में सराबोर होता डबरा

मां कनकेश्वरी की भागवत कथा में सराबोर होता डबरा

आज डबरा स्टेडियम के प्रांगण में श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन राष्ट्र संत मां कनकेश्वरी देवी जी ने ईश्वर प्राप्ति में मनुष्य के विचारों व वृत्तियों के महत्व का विशद वर्णन करते हुए कहा कि ईश्वर जितना भीतर है, उतना ही बाहर है. यदि मनुष्य की आंखें और उसका मन शुद्ध हो जाए तो बाहर व भीतर का भेद समाप्त होकर प्रत्येक जगह ईश्वर का ही दर्शन होगा।
उन्होंने कहा कि स्व की ओर जाना ही स्वर्गारोहण है तथा अपनी आत्मा के सत्य का दर्शन करना ही स्वदर्शन है। सत्य की खोज करने पर सद्गुरु मिलता है सतगुरु के मिलने पर सत्य का दर्शन होता है।
उन्होंने कहा कि जब विचारों की वृत्ति ईश्वर के प्रति उर्ध्व हो जाती है ,तो जीवन में ईश्वर भक्ति ईश्वर प्राप्ति का उत्तरायण होता है. जब मनुष्य की समस्त वृत्तियां ईश्वर की ओर मुड़ जाती हैं, तब मनुष्य ईश्वर को प्राप्त करता है।
तीसरे दिन की कथा के अंत में, मां कनकेश्वरी देवी ने जीवन सिद्धांतों पर उपदेश देते हुए कहा कि सत्संग के लिए एकांत निर्जीव स्थान ही आवश्यक नहीं है घर में सद ग्रंथों को एकत्रित कर उनका पठन पाठन करना जप-तप ध्यान आदि आदि भी धर्म स्थानों पर भगवत साधना के समान है। ईश्वर से विमुख होकर जीने वाले के कार्य कभी पूर्ण नहीं होते। संसार धर्म को ईश्वर आस्था से जीने वाले व्यक्ति के सभी कार्य मृत्यु पूर्व पूर्ण हो जाते हैं और जीवन भी सफल हो जाता हैं.
कथा के आरंभ में मुख्य पारीक्षत तथा केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की धर्मपत्नि श्रीमति किरण सिंह, ज्येष्ठ पुत्र-हाँकी इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर *रामू* तथा महेश मुदगल, रामबाबू कटारे, अशोक जैन आदि ने श्रीमद्भागवत की पूजा अर्चना कर आरती की. कथा के अंत में वीरेंद्र जैन, दीपक माहौर, के के सोनी, राजू नारंग, धर्मेंद्र गुर्जर, हनुमंत शुक्ला, हेमंत सोनी, भूपेंद्र रावत, रणजीत कुशवाहा, सेलू रावत, ट्विंकल पाठक आदि ने आरती की.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments