Homeदेशमिडिल क्लास और छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज के संकेत

मिडिल क्लास और छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज के संकेत

कोरोना संकट के बीच सरकार दोबारा राहत पैकेज का एलान कर सकती है। इसका पूरा फोकस नॉन-सैलरीड मिडिल क्लास और छोटे कारोबारी हो सकते हैं। इससे नौकरी और कारोबार में मदद मिलने का अनुमान है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार मानती है कि कोरोना महामारी के कारण नॉन-सैलरीड मिडिल क्लास सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इससे पहले केंद्र सरकार ने मई में 20 लाख करोड़ रुपए का आत्म निर्भर पैकेज की घोषणा की थी।

मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार के संकेत

दरअसल सरकार को उम्मीद थी कि दूसरी तिमाही में आर्थिक रिकवरी देखने को मिल सकती है, लेकिन जुलाई-सितंबर की अवधि में भी इकॉनमी में सुस्ती का अनुमान है। हालांकि इस दौरान सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन को धीरे-धीरे हटाया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक अर्थव्यस्था पटरी पर नहीं लौट पाई।

अगस्त में जारी पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़े राहत देने वाले हैं। अगस्त महीने में पीएमआई का आंकड़ा बढ़कर 52 फीसदी हो गया है। इससे मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार के संकेत मिलता है।

जीडीपी में रिकॉर्ड गिरावट

सरकार ने पिछले दिनों जीडीपी के आंकड़े जारी किए, जिसमें रिकॉर्ड 23.9 फीसदी की गिरावट रही। इसमें कंस्ट्रक्शन ग्रोथ -51.4 फीसदी, मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ -39.3 फीसदी, माइनिंग सेक्टर ग्रोथ -41.3 फीसदी और ट्रेड, होटल, ट्रासंपोर्ट ग्रोथ -47.4 फीसदी रही। केवल एग्री सेक्टर में 3.5 फीसदी की हल्की बढ़त रही। जीडीपी में रिकॉर्ड गिरावट ने पॉलिसी मेकर्स पर दबाव बनाया है, जिससे अब नए ऐलान की संभावना बनती दिख रही है।

दूसरी ओर बढ़ते कोरोना संक्रमितों की संख्या ने सरकार की चिंताएं और बढ़ा दी है। देश बीते 24 घंटे में 90802 नए कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं 7 सितंबर तक देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 70 हजार के पार हो गई है। दुनिया में दूसरे सबसे ज्यादा कोरोनावायरस मामलों वाला देश अब भारत हो गया है। भारत के बाद ब्राजील तीसरे स्थान पर है।

मई में हुआ था आत्मनिर्भर पैकेज का ऐलान

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई की शुरुआत में आर्थिक राहत पैकेज के तहत 20 लाख करोड़ रुपए का एलान किया था। इसमें कृषि सेक्टर, एमएसएमई, करदाता सहित अन्य सेक्टर्स के लिए अलग-अलग पैकेजों का आवंटन भी किया गया था।

इन दिनों आर्थिक सुधार के लिए सरकार लगातार कई उच्च स्तरीय बैठक भी कर रही है। इसमें वित्तीय सिस्टम को सपोर्ट देने और राजस्व को प्रोत्साहित करने पर चर्चा हो रही है। लेकिन जानकार मान रहे हैं कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप से इस तिमाही में भी आर्थिक सुधार के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।

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