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मुस्लिम ने ही बांग्लादेश में दुर्गा पूजा स्थल पर रखी थी क़ुरान इसके बाद हिंसा में तोड़े गए मंदिर

बांग्लादेश के कुमिल्ला शहर में दुर्गा पूजा पंडाल में क़ुरान रखने वाल शख़्स की पहचान कर ली गई है. हालांकि सरकार ने अधिकृत रूप से उसका नाम जारी नहीं किया है लेकिन बांग्लादेश के तमाम बड़े अखबार व बीबीसी के मुताबिक  अभियुक्त नाम इक़बाल हुसैन और उनके पिता का नाम नूर अहमद आलम है. अभियुक्त कुमिल्ला के सुजाननगर इलाक़े का रहने वाला है.। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त व्यक्ति द्वारा ही कुरान को दुर्गा पूजा पंडाल में रखने के बाद वहां हिंसा फैलाई गई तमाम मन्दिरों को तोड़ा गया व अनेक हिंदुओं के घर जलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त की पहचान सीसीटीवी फ़ुटेज के आधार पर की गई और अब उसे पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

दुर्गा पूजा के पंडाल में क़ुरान रखे जाने की इस घटना के बाद से बांग्लादेश में कई हिंदू मंदिरों, पंडालों और घरों पर हमले हुए.

पुलिस ने अपने एक बयान में बताया है कि पिछले एक हफ़्ते में हुई हिंसा में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है.

  • कौन है दुर्गा पूजा के पंडाल में क़ुरान रखने वाला शख़्स?

दोनों ही पुलिस अधिकारियों ने पहचान किए गए शख़्स का नाम ज़ाहिर करने से इनकार कर दिया. हालाँकि बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया में पुलिस के हवाले से अभियुक्त का नाम छापा जा रहा है.

बांग्लादेश के अख़बार डेली ऑब्ज़र्वर ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि अभियुक्त नाम इक़बाल हुसैन और उनके पिता का नाम नूर अहमद आलम है. अभियुक्त कुमिल्ला के सुजाननगर इलाक़े का रहने वाला है.

द डेली स्टार में अभियुक्त की उम्र 30 साल बताई गई है.

ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस के हवाले से बताया है कि इक़बाल के पास कोई स्थायी नौकरी नहीं है और वो इधर-उधर घूमते रहते हैं. अभी यह साफ़ नहीं है कि उनका ताल्लुक किसी राजनीतिक पार्टी से है या नहीं.

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार इक़बाल की माँ अमीना बेगम का दावा है कि उनका बेटे को ड्रग्स की लत है और वो अपने ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तरीकों से परेशान करता रहता था.

अमीना बेगम के मुताबिक़, “उसे देश की अलग-अलग जगहों पर रहना अच्छा लगता है.”

अमीना बेगम का दावा है कि इक़बाल को पिछले 10 वर्षों से कुछ मानसिक परेशानी है क्योंकि 10 साल पहले कुछ पड़ोसियों ने उनके पेट में चाकू घोंप दिया था.

इक़बाल हुसैन के परिजनों का कहना है कि अगर वो सच में दोषी हैं तो उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए. उनके भाई रैहन ने कहा कि हो सकता है उन्हें कुछ समूहों ने भड़काया हो.

इक़बाल के छोटे भाई रैहन ने कहा कि वो शुक्रवार से ही अपने भाई को ढूँढने में पुलिस की मदद कर रहे हैं.

सीसीटीवी फ़ुटेज में क्या दिखा?

इस पूरी घटना का सीसीटीवी फ़ुटेज अब सोशल मीडिया पर भी सर्कुलेट होने लगा है.

फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि एक शख़्स देर रात को पूजा पंडाल में अपने हाथ में कुछ लेकर दाख़िल होता है और फिर हनुमान की गदा लेकर वापस आ रहा है.

यह क़ुरान कुमिल्ला के दुर्गा पूजा मंडप में बुधवार को पूजा के आठवें दिन यानी अष्टमी को मिला था. बाद में लोगों के एक समूह ने इकट्ठे होकर पूजा के पंडाल में तोड़-फोड़ की और वहाँ लोगों पर क़ुरान का अपमान करने का आरोप लगाया.

इस घटना के ठीक बाद उसी बांग्लादेश के चाँदपुर समेत कई जगहों पर हिंदू मंदिरों पर हमले हुए. पुलिस ने हिंसा पर काबू करने के लिए हवा में फ़ायरिंग की और इसमें कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

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