अगर आप हेल्दी रहना चाहते हैं, तो आपको रोजाना वॉक जरूर करनी चाहिए। जी हां, वॉक करना हेल्दी रहने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। उस पर भी अगर आप दो महीने तक रोजाना 7 हजार स्टेप्स चलना शुरू कर दें।
रोज 7 हजार स्टेप्स चलने से सिर्फ दो महीने में आपके शरीर में कई ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिन्हें देखकर आप खुद भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं कि रोज 7 हजार स्टेप्स चलने से आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ सकता है
वजन कम करने में मदद
7 हजार कदम चलना लगभग 5-6 किलोमीटर के बराबर और 300-400 कैलोरी बर्न करने के बराबर होता है। दो महीने तक लगातार ऐसा करने से आपकी बॉडी लगभग 16-18 हजार एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न कर चुकी होती है। यह लगभग 2-2.5 किलो फैट कम करने के बराबर है। यह वजन कमी धीरे-धीरे और हेल्दी तरीके से होती है, जिससे वजन वापस बढ़ने का खतरा कम रहता है।
दिल की सेहत में सुधार
चलना दिल का सबसे अच्छा दोस्त है। रोजाना 7 हजार कदम चलने से आपका दिल मजबूत होता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। दो महीने बाद आप महसूस करेंगे कि सीढ़ियां चढ़ने या तेज चलने पर आपकी सांस नहीं फूलती और आपका दिल स्वस्थ तरीके से काम कर रहा है।
मेंटल हेल्थ में सुधार
चलना सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग के लिए भी वरदान है। यह एक तरह की मेडिटेशन है। तनाव और एंग्जायटी पैदा करने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर चलने से कम होता है, जबकि ‘फील गुड’ हार्मोन एंडोर्फिन का लेवल बढ़ता है। दो महीने के अंदर ही आप अपने मूड में सुधार महसूस करेंगे। नींद अच्छी आने लगेगी और मानसिक थकान कम होगी।
एनर्जी में बढ़ोतरी
यह उल्टा लग सकता है, लेकिन एनर्जी खर्च करने से ही एनर्जी बढ़ती है। रोजाना की यह फिजिकल एक्टिविटी शरीर के हर सेल तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का संचार बेहतर करती है। दो महीने बाद आप पाएंगे कि दिन भर सुस्ती महसूस नहीं होती और आप पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव व एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
हड्डियों और जोड़ों की मजबूती
चलना एक वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज है, जो हड्डियों की डेंसिटी को बनाए रखने में मदद करती है। यह जोड़ों को लचीला बनाती है और अकड़न व दर्द से राहत दिलाती है। नियमित चलने से ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस का खतरा कम होता है।
पाचन तंत्र दुरुस्त होना
चलने से पेट की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं, जिससे आंतों की गतिविधि बेहतर होती है। यह कब्ज की समस्या को दूर करके पाचन क्रिया को तेज और बेहतर बनाता है। दो महीने में ही आप अपने पाचन तंत्र में स्पष्ट सुधार महसूस करेंगे।