-सामाजिक श्रेणी का युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित
ग्वालियर26अगस्त 2026/युवा देश की रीढ़ हैं। उन्हें रोल मॉडल (आदर्श व्यक्ति) बनकर ‘नेशन फस्र्ट’ यानी राष्ट्र प्रथम की भावना को अपनाते हुए मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभानी चाहिए। ‘रील लाइफ’ नहीं, बल्कि ‘रियल लाइफ’ जिएं। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त ने बुधवार को बाल भवन में आयोजित सामाजिक श्रेणी के युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर महानगर द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ी योगेन्द्र भदौरिया रहे। अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने की। मुख्य वक्ता श्री गुप्त ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब व्यक्ति स्वार्थी हुआ है तब-तब देश पराधीन हुआ है। मुगल और अंग्रेज आक्रांताओं का सामना करने के लिए जब क्रांतिकारियों ने उनका सामना किया तो समाज ने उनका पर्याप्त साथ नहीं दिया। उन्हें छिपने के लिए भी आसरा नहीं मिलता था। इसी वजह से देश करीब एक हजार वर्ष तक गुलाम रहा। उन्होंने युवाओं से केवल कॅरियर तक सीमित न रहकर देशहित में कार्य करने का आह्वान किया।
श्री गुप्त ने हैरानी जताते हुए कहा कि जो वंदेमातरम् गीत क्रांतिकारियों में जोश भरता था और उसका उद्घोष करते हुए वे देश के लिए प्राणों का भी बलिदान कर देते थे, आज स्वतंत्रता के बाद भी उसका विरोध हो रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉक्टर साहब ने व्यक्ति निर्माण पर जोर दिया था। उनका मानना था जब तक व्यक्ति परमार्थी नहीं होगा तब तक समाज और देश का भला नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति या संगठन अच्छे कार्य की पहल करता है तो शुरुआत में उसे उपेक्षा, उपहास और विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन सफलता मिलने के बाद उसे स्वीकार्यता मिलती है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उदाहरण देते हुए कहा कि संघ पर तीन बार प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन हर बार वह और अधिक मजबूत होकर सामने आया। आज संघ के 40 से अधिक संगठन समाज और राष्ट्रहित में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि संघ के प्रभाव की वजह से ही आज कुछ लोग हिंदुत्व की बात करने लगे हैं और जनेऊ पहनकर मंदिर भी जाने लगे हैं।
श्री गुप्त ने युवाओं से ‘स्व’ के आधार पर विकास का मॉडल खड़ा करने और पंच परिवर्तन-सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व बोध और नागरिक कर्तव्य अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत हेमंत तोमर, एश्वर्य जोशी, कुशल शर्मा, प्रखर शुक्ला, दिवाकर, हरगोविंद ने किया। प्रस्तावना प्रताप सिंह सिकरवार ने रखी। अतिथियों का परिचय विजय शर्मा ने दिया। एकल गीत प्रियांश खरे ने प्रस्तुत किया। संचालन शुभम सिसौदिया एवं आभार दीप सिंह तोमर ने व्यक्त किया।