जिस शम्भूलाल रैगेर के नाम से काफी दिनों तक हो हल्ला मचा रहा और जिस शम्भूलाल रैगेर को कभी राजनीति के केंद्र में रख कर हिन्दुओं पर लगातार आक्षेप लगाए गये थे उसी शम्भूलाल रैगेर के नए मामले से एक बार फिर से शुरू हो गया है कोहराम और गर्म हो चुकी है भारत की राजनीति . इस बार ये मामला जुड़ा है एक झांकी से जिसमे मुख्य रूप से सामने स्थापित थी शम्भूलाल रैगेर की प्रतिमा .
ज्ञात हो की जहाँ रामनवमी के अवसर पर जहां देश भर में भगवान राम की झांकी निकल रही थी और उस पर बिहार और बंगाल जैसे स्थलों पर आक्रान्ताओं और मज़हबी उन्मादियों द्वारा प्राणघातक हमले भी किये जा रहे थे वहीं राजस्थान के जोधपुर में एक ऐसी झांकी निकली, जिसे देखकर सेकुलर समाज और उन सभी की त्योरियां चढ़ गयी हैं जो आज तक इशरत जहाँ , अफजल गुरु और बुरहान वाणी के लिए शोक मनाते हैं .राजस्थान के जोधपुर में रामनवमी के अवसर पर भगवान राम की जगह लव जिहाद को गलत बताते हुए एक मुस्लिम को लाइव वीडियो में पीट कर और बाद में जला कर मार डालने वाले शंभूलाल रैगर की विधिवत झांकी निकाली गयी है .
पत्थरबाजी को अपना अधिकार बताने वालों ने जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखीं वैसे ही इन्हें वायरल करना शुरू कर दिया . एक बड़े जुलूस में मुस्लिम व्यक्ति के हत्या के आरोप में जेल काट रहे शंभू को हिंदू धर्म के लिए सम्मान के रूप में पेश किया गया. इस झांकी के आयोजकों ने हत्यारोपी शंभू लाल रैगर को एंटी लव जेहाद के हीरो के तौर पर पेश किया. इन तस्वीरों में शंभूलाल रैगर की तरह रूप धारण कर हाथों में कुल्हाड़ी लेकर बैठा हुआ है. इन बैनरों में आयोजकों ने बैनर पर लिखा कि ‘हिंदुओ भाइयों जागो, अपनी बहन-बेटी बचाओ. लव जिहाद से देश को आजाद करवाना चाहिए.’
