राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम बदल दिया गया है. अब इसे ‘अमृत उद्यान’ के नाम से जाना जाएगा. दरअसल, राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन अपनी सुंदरता के लिए काफी चर्चित है. इसे देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं. यहां पर 138 तरह के गुलाब, 10 हजार से ज्यादा ट्यूलिप बल्ब और 70 अलग-अलग प्रजातियों के लगभग 5 हजार मौसमी फूलों की प्रजातियां हैं. इस गार्डन को देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने आम लोगों के लिए खुलवाया था, तब से आज तक हर साल स्प्रिंग सीजन में इसे जनता के लिए खोला जाता है.
15 एकड़ में फैले इस गार्डन का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान किया गया था. कहावत है कि मुगल गार्डन देश के राष्ट्रपति भवन की आत्मा है. मुगल गार्डन का एक हिस्सा खास गुलाब की किस्मों के लिए जाना जाता है. अंग्रेजी वास्तुकार सर एडवर्ड लुटियन्स द्वारा राष्ट्रपति भवन और मुगल गार्डन को डिजाइन किया था.
राष्ट्रपति की डिप्टी प्रेस सेक्रेट्री नविका गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मुगल गार्डन में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए सभी पौधों के पास क्यूआर कोड लगाया जाएगा. इसके साथ ही एक और बदलाव किया गया है. जिसके मुताबिक हर रोज यहां लगभग 20 प्रोफेशनल यहां गाइड के तौर पर काम करेंगे. जो यहां आने वाले लोगों को पौधों और फूलों से जुड़ी जानकारी दिया करेंगे.