Homeधर्म कर्मराष्ट्रीय रामायण मेले का भव्य शुभारम्भ पवैया ने थामी धर्मध्वजा

राष्ट्रीय रामायण मेले का भव्य शुभारम्भ पवैया ने थामी धर्मध्वजा

 पीत बसनों में सजी-धजीं और सिर पर मंगल कलश धारण किए हजारों महिलायें। धर्म ध्वजा लिए अश्वों पर सवार और पैदल चलते भारतीय सनातन संस्कृति के संवाहक। यहाँ बात हो रही है राष्ट्रीय रामायण मेला एवं श्रीराम कथा के उपलक्ष्य में निकली शोभा यात्रा की। यह शोभायात्रा जब हजीरा स्थित मनोरंजनालय परिसर में पहुँची तो ऐसा लगा मानो सम्पूर्ण प्रांगण ने दिव्य तीर्थ का रूप ले लिया है। इस शोभा यात्रा में मंगल कलश लिए लगभग 3100 महिलाओं सहित लगभग 5 हजार श्रद्धालु शामिल हुए। 
 
उच्च शिक्षा मंत्री पवैया ने थामी धर्म ध्वजा

बादलगढ़ दुर्ग द्वार (किलागेट ग्वालियर) से शुरू हुई इस कलश यात्रा में उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री जयभान सिंह पवैया भी धर्म ध्वजा लेकर शामिल हुए। सम्पूर्ण मार्ग में स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का स्वागत किया। रास्ते भर रामधुन भी चलती रही। रथों पर सवार श्रीराम दरबार की सजीव झाँकी, संतजन एवं ढ़ोल-ढ़माकों के बीच मंगल कलश धारण किए हुए चल रही महिलायें एवं श्रद्धालु जब मनोरंजनालय परिसर में पहुँचे तो अदभुत एवं अलौकिक दृश्य दिखाई दिया। राष्ट्रीय रामायण मेला के लिये मनोरंजनालय परिसर को अयोध्या धाम का नाम दिया गया है। कलश यात्रा के मनोरंजनालय पहुँचने के बाद वैदिक रीति से हनुमान ध्वजा स्थापित की गई। इसके पश्चात श्रीरामचरितमानस पोथी लेकर उच्च शिक्षा मंत्री पवैया मंच पर पहुँचे और संतजनों ने व्यास पीठ पर श्रीरामचरितमानस कलश की स्थापना कराई। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पं. अजय याज्ञिक दिल्ली द्वारा संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ का गायन किया। उन्होंने संगीतमय श्रीराम स्तुति एवं श्री हनुमान चालीसा का भी पाठ कराया। हजारों की संख्या में मौजूद श्रृद्धालुओं ने इस संगीतमय सुंदरकाण्ड का भक्तिभाव से आनंद लिया। आजादी के बाद देश का यह तीसरा राष्ट्रीय रामायण मेला है। 

रामायण सहित कई  धार्मिक कार्यक्रम शुरू

राष्ट्रीय रामायण मेले में अपरान्ह में पूज्य संत प्रेमभूषणजी महाराज के मुखारबिंदु से संगीतमय श्रीराम कथा की शुरूआत हुई। यह कथा 23 फरवरी तक प्रतिदिन अपरान्ह 4 बजे से सायं 6.30 बजे तक होगी। रात्रिकाल में 8 से 10 बजे तक पं. रामस्वरूप जी शास्त्री वृंदावन के निर्देशन में कलाकार श्रीरामलीला का मंचन करेंगे। राष्ट्रीय रामायण मेले में 18 से 22 फरवरी तक अपरान्ह एक बजे से 4 बजे तक मानस सम्मेलन भी होगा। जिसमें देश के सुप्रतिष्ठित संतजन मानस प्रवचन देंगे। प्रात:काल में 6.30 बजे से 7.30 बजे तक योग शिविर भी रहेगा। रामायण मेला परिसर में देश भर कीरामलीलाओं पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगी है।

आएंगी कई महान विभूतियां

इस मानस महाकुंभ में प्रवचन के लिये महान विभूतियाँ आमंत्रित की गई हैं। जिनमें पूज्य महांत स्वामी नृत्यगोपालदास महाराज (अयोध्या), पूज्य जगदगुरू रामानंदाचार्य श्रीराम भट्टाचार्य महाराज, पूज्य माँ कनकेश्वरी, पूज्य साध्वी ऋतम्भरा, संत राजेन्द्रदास महाराज, संत राजेश्वरानंदजी महाराज, संत रविशंकर महाराज, (रावतपुरा सरकार), कमलनयनदास महाराज, रामदास महाराज (दंदरौआ सरकार), स्वामी शांतिस्वरूपानंद महाराज, विश्वभूषणदास, ब्रम्हचारी महावीरदास, साध्वी दीपा भा9ईरती, साध्वी प्रभा भारती व महांत रामभूषणदास जी (खनेता) शामिल हैं। सूत्रधार की भूमिका पं. निलिम्प त्रिपाठी निभा रहे हैं।

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