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राहुल के सामने ही ज्योतिरादित्य और दिग्विजय में भिड़ंत, टालनी पड़ी सीईसी की बैठक

 जिसकी सम्भावना थी वही हुआ राहुल गांधी ने बड़े उत्साह में सीईसी की बैठक आयोजित की थी लेकिन वे ये भूल गए थे कि मध्यप्रदेश में जो ऊपर से दिख रहा है सच्चाई उससे कोसों दूर है यहां  एक नहीं अनेक गुटों में सिमटी कांग्रेस और उसके तमाम मठाधीश नेताओं के सक्रीय रहते मध्यप्रदेश में कांग्रेस की वापसी मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसी कही जा सकती है। सीईसी की बैठक में ज्योतिरादित्य और दिग्विजय के बीच ऐसी झड़प हुई कि राहुल गांधी सन्न रह गए,प्रत्याशियों की घोषणा तो दूर सीईसी की बैठक को शुक्रवार तक टालना पड़ा, विवाद इस स्थिति तक जा पहुंचा की उसके निपटारे के लिए राहुल को तीन सदस्यीय कमेटी बनानी पड़ी है इतना ही नहीं राहुल ने इस विषय पर सभी को मुंह बंद रखने को कहा है।

मध्यप्रदेश की कमान संभानले के बाद प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस के सभी लीडर को एकजुट करने का दावा किया था। लेकिन चुनाव से ऐनवक्त पहले तक कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया में विवाद हो गया। जिसका सीधा प्रभाव सीईसी की बैठक पर पड़ा। 230 सीटों में से 190 पर कांग्रेस ने प्रत्याशियों को नाम फाइनल कर लिए हैं। शेष 40 नामों पर आज मंथ होना था। लेकिन विवाद को देखते हुए बैठक शुक्रवार पर टाल दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैठक टलने की बात की पुष्टि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की है। 

जानकारी के अनुसार टिकट वितरण को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तीखे नौक झोंक हो गई| विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में काफी समय तक बहस होती रही। यह सब कुछ राहुल गांधी की मौजूदगी में हुआ। बताया जा रहे है दोनों वरिष्ठ नेताओं के विवाद से राहुल बेहद नाराज है| वहीं सवाल भी खड़ा हो रहा है कि गुटबाजी ख़त्म कर चुनाव लड़ने की बात करने वाले नेता खुद ही क्यों आपा क्यों खो रहे हैं ।सीईसी 150 नामों पर पहले चर्चा कर चुकी थी।

 शेष बचे 40 नामों पर गुरूवार को चर्चा होना थी, लेकिन सिंधिया और दिग्विजय सिंह के विवाद को चलते बैठक एक दिन आगे बढ़ा दी गई। सूत्रों के मुताबकि अब शुक्रवार को एक बार फिर बैठक बुलाई गई है। हालांकि, आज शाम तक पहली लिस्ट जारी होने की संभावना है। कांग्रेस पहली लिस्ट में 100 से अधिक नामों का ऐलान कर सकती है। इनमें मौजूदा विधायक और अन्य सीटों के नाम शामिल होंगे।

विवाद सुलझाने बनाई कमेटी 

काफी देर तक दोनों नेताओं के बीच विवाद के बाद जब बात नहीं बनी तो दोनों के बीच विवाद सुलझाने के लिए राहुल को तीन सदस्यीय समिति बनानी पड़ी।तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्यों अशोक गहलोत, वीरप्पा मोइली और अहमद पटेल ने पार्टी के वॉर रूम 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड में रात 2.30 बजे तक मामले को सुलझाने के लिए बैठक की। सभी नेताओं को इस विवाद पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस तू-तू मैं मैं से राहुल काफी नाराज़ हैं। वहीं यह विवाद की खबरे वायरल हो गई हैं|

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