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साधू महात्माओं से परेशान शिवराज जिन्हें बिठाया सिरमाथे पर वही बन गए हैं सिरदर्द

कभी कभी ऐसा भी होता है जिन्हें सिरमाथे पर बिठाया जाता है वही सरदर्द बन जाते हैं अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज को ही लीजिए उनके लिए यह बात विख्यात है कि वे साधु संतों का बहुत आदर करते हैं यही वजह है कि उन्होंने चार चार बाबाओं को मंत्री का दर्जा दिया , लेकिन यही साधु महात्मा अब शिवराज के खिलाफ मोर्चा खोलते दिखाई दे रहे हैं।मध्य प्रदेश में दो दिनों  के  अंदर दो संतों ने चुनाव मैदान में उम्मीदवार उतारने का एलान किया है. एट्रोसिटी एक्ट को मुद्दा बनाकर दोनों संतो में पहले मंगलवार को पंडोखर सरकार ने इसका एलान किया. इसके बाद बुधवार को कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भोपाल में सर्व समाज कल्याण पार्टी में शामिल होने की घोषणा की. इससे पहले पंडोखर सरकार के नाम से मशहूर गुरुशरण महाराज ने भोपाल में ‘सांझी विरासत पार्टी’ का एलान किया और बताया कि वो मध्य प्रदेश की 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे.उधर कम्प्यूटर बाबा पहले से ही शिवराज के खिलाफ साधुओं को एकत्रित कर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं ।

बता दें कि मध्य प्रदेश में सरकार से नाराज चल रहे संत समाज ने शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ग्वालियर में 13 अखाड़ों के संतों ने भी शिवराज सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प किया. इसकी अगुवाई कंप्यूटर बाबा कर रहे हैं जो कुछ दिनों पहले तक शिवराज सरकार की कैबिनेट में राज्य मंत्री 

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