भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को बड़ा फैसला लेते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और आंध्रप्रदेश के कांग्रेस प्रभारी दिग्विजय सिंह से प्रभार छीन लिया है। अब दिग्विजय सिंह के पास सिर्फ एक ही पद रह गया है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से आंध्रप्रदेश का प्रभार छीन लिया गया है। कांग्रेस राहुल गांधी ने रविवार को यह बड़ा फैसला लेते हुए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओमान चांडी को यह नई जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही गांधी ने सीपी जोशी की भी बंगाल से छुट्टी कर दी है। जोशी के पास पश्चिम बंगाल के अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का भी प्रभार था। जोशी के स्थान पर गौरव गोगोई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रविवार को कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि दिग्विजय सिंह की जगह अब ओमान चांडी आंध्र प्रदेश के प्रभारी बनाए गए हैं। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की गई है।

दिग्विजय के पास अब सिर्फ एक पद
मध्यप्रदेश में हाल ही में राहुल गांधी ने जो समितियां बनाई हैं, उनमें प्रदेश स्तर की समन्वय समिति में उन्हें चेयरमैन बनाया है। इसके साथ दिग्विजय के पास तेलंगाना की जिम्मेदारी रह जाती है। माना जा रहा है कि उन्हें इस जिम्मेदारी से भी मुक्त किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश में केंद्रित करने की योजना
दिग्विजय सिंह राजनीति में काफी धुरंदर माने जाते हैं। वे अपने बेबाक बयानबाजी से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मध्यप्रदेश में साल के अंत में होने जा रहे चुनाव को ध्यान में रखते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में ही केंद्रित करने की योजना है। इसलिए उन्हें मध्यप्रदेश में नई और अहम जवाबदारी दी गई है।
मेहनत और योगदान की सराहना
गहलोत ने अपने पत्र में दिग्विजय सिंह की कड़ी मेहनत और योगदान की भी सराहना की है।
यह भी है खास
-राजस्थान के जोशी से बिहार का भी प्रभार ले लिया गया था और यह जिम्मेदारी शक्तिसिंह गोहिल को दी गई थी। जोशी के पास अब असम की जिम्मेदारी के साथ पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों का भी अतिरिक्त प्रभार है।