प्रवीण दुबे
नई दिल्ली /भोपाल /ग्वालियर /राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कल अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण कर रहा है इसको लेकर भारत ही नहीं पूरी दुनिया में संघ स्वयंसेवकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शताब्दी वर्ष में वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरआत पूरे देशभर में निकाले जा रहे पथ संचलनों से होने वाली है एक अनुमान के मुताबिक बस्ती और मंडल स्तर पर निकलने वाले लाखों पथ संचलनों में एक करोड़ से भी अधिक गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल होंगे हालांकि आरएसएस ने अधिकृत रूप से इस संख्या की कोई पुष्टि नहीं की है लेकिन देशभर में अलग अलग शहरों से बस्ती और मंडल स्तर से जो संख्या सामने आ रही है उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि पूरे देश में संघ शताब्दी वर्ष की शुरुआत में करोड़ों स्वयंसेवकों की अनुशासित शक्ति सड़कों पर घोष की धुन पर कदमताल करते दिखाई देगी।
संघ के पथ संचलन में भाग लेने के प्रति देशभर के स्वयंसेवकों के अपार उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अनेक शहरों से गणवेश की कमी होने की खबरें सामने आ रहीं हैं।
- शताब्दी वर्ष का उत्सव: आरएसएस अपने 100 साल पूरे होने का उत्सव विजयादशमी से शुरू कर रहा है। इसी के तहत, विभिन्न शहरों में पथ संचलन के भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- स्थानीय स्तर पर आयोजन: इस बार पथ संचलन बड़े पैमाने पर मंडल और बस्ती स्तर पर निकाले जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक स्वयंसेवक इसमें भाग ले सकें। उदाहरण के लिए, भोपाल विभाग में लगभग डेढ़ लाख स्वयंसेवकों के साथ 373 स्थानों पर पथ संचलन निकालने की योजना है।
- विभिन्न शहरों में कार्यक्रम: देश के कई शहरों में पथ संचलन आयोजित हो रहे हैं:
- अयोध्या: सरयू तट स्थित रामकथा पार्क से पथ संचलन शुरू होकर रामपथ से गुजरेगा और संतों द्वारा अभिनंदन किया जाएगा।
- देवरिया: सलेमपुर में शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसमें स्वयंसेवकों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया गया।
- सीरोही: जिले में 100 स्थानों पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन होगा।
- सामाजिक समरसता पर जोर: संघ शताब्दी वर्ष के इस संचलन का उद्देश्य ‘पंच परिवर्तन’ पर जोर देना है, जिसमें कुटुंब प्रबोधन और समरसता जैसे कार्य शामिल हैं।
- गणवेश में स्वयंसेवक: पथ संचलन में पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, जिससे अनुशासन और एकता का प्रदर्शन होता है।
- स्वागत और सम्मान: जिन रास्तों से पथ संचलन गुजरता है, वहां लोग पुष्पवर्षा कर और भारत माता की जय के नारे लगाकर स्वयंसेवकों का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हैं
- इस साल कुछ जगहों पर विजयादशमी के बजाय किसी अन्य दिन भी पथ संचलन आयोजित हो रहे हैं। जैसे, इंदौर में 2 अक्टूबर की बजाय 5 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक लोग जुड़ सकें। कोविंद होंगे नागपुर में होने वाले कार्यक्रम को चीफ गेस्ट
- संघ मुख्यालय नागपुर में सरसंघ चालक भागवत जी का होगा सम्बोधन
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2 अक्टूबर को दशहरा के मौके पर नागपुर में होने वाले RSS के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चीफ गेस्ट होंगे, सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत भी मंचासीन होंगे इस साल संघ अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष में यह एक ऐतिहासिक समारोह होगा।
रामनाथ कोविंद दूसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं जो RSS के किसी कार्यक्रम में चीफ गेस्ट बन रहे हैं। इससे पहले 2018 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बने थे। तब वे एक प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में शामिल हुए थे।