उज्जैन 5 फ़रवरी 2026/उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है. मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के लिए यहां प्रतिदिन भक्तों की भीड़ रहती है. यह देशभर में स्थिति 12 ज्योतिर्लिंगों में तीसरा ज्योतिर्लिंग है. महाशिवरात्रि (Mahashivratri) से पहले यहां धूमधाम से शिव नवरात्रि मनाई जाती है, जोकि पूरे 9 दिनों तक चलता है और 10वें दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है.
शिव नवरात्रि को उज्जैन में भगवान महाकाल के विवाह उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है. इस दौरान प्रतिदिन बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप में मनमोहक श्रृंगार किया जाता है. वहीं शिव नवरात्रि के अंतिम दिन महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल को सेहरा धारण कराया जाता है, जो इस उत्सव का सबसे खास क्षण माना जाता है.
शिव नवरात्रि 2026 कब
शिव नवरात्रि की शुरुआत फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि यानी 6 फरवरी से होगी और 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि तक चलेगी. बता दें कि, भारत में केवल उज्जैन महाकाल मंदिर में ही शिव नवरात्रि मनाई जाती है. इन नौ दिनों में मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा, श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं. आइए जानते हैं शिव नवरात्रि के 9 दिनों में किस दिन क्या होगा. यहां देखें पूरा शेड्यूल.
शिव नवरात्रि के 9 दिनों का शेड्यूल
- 6 फरवरी 2026- इस दिन से शिव नवरात्रि की शुरुआत होगी और महाकाल का विशेष श्रृंगार होगा. 11 ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक और पाठ की शुरुआत होगी.
- 7 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के दूसरे दिन महाकाल को नए वस्त्र पहनाए जाएंगे और विशेष श्रृंगार होगा.
- 8 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के तीसरे दिन महाकाल का शेषनाग पर श्रृंगार होता है और एकादश-एकादशनी रुद्रापाठ होता है.
- 9 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि का चौथ दिन महत्वपूर्ण होता है. इस तिथि पर महाकाल का घटाटोप श्रृंगार होता है और महाकाल को कटरा, मेखला, टुपट्टा, मुकुट, मुंडमाल, छत्र, माला और फूलों की माला पहनाई जाती है.
- 10 फरवरी 2026- पांचवे दिन महाकाल का छबीना श्रृंगार होता है और भगवान पीले वस्त्र धारण कर मुकुट, मुण्ड माला और फलों की माला पहनते हैं.
- 11 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के छठे दिन महाकाल का होलकर श्रृंगार होता है.
- 12 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के सातवें दिन महाकाल का श्रृंगार उमा-महेश स्वरूप में होता है. इस दिन महाकाल बाबा और मां पार्वती दोनों का स्वरूप भक्तों को दिखता है. इसमें बाबा को कत्थई रंग का वस्त्र पहनाया जाता है.
- 13 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के आठवें दिन बाबा महाकाल को लाल वस्त्र पहनाकर सजाया जाता है.
- 14 फरवरी 2026- शिव नवरात्रि के नौवें दिन पर महाकाल शिव तांडव रूप में भक्तों को दर्शन देंगे.
15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर भगवान को सप्तधान मुखौटा पहनाया जाएगा और भक्तों के लिए मंदिर निरंतर 44 घंटे खुला रहेगा.