ग्वालियर /ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व सी.एस.आर. से संबंधित कार्यकलापों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिये निगरानी तंत्र एवं कोरोना संकट के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये कितनी सी.एस.आर. राशि का उपयोग संबंधी प्रश्न उठाया था जिसके जवाब में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने बताया कि कंपनी सी.एस.आर. नीति नियम 2014 में संशोधन किया गया था ताकि कंपनियां वित्त वर्ष 2020-21, 2021-22 तथा 2022-23 के दौरान कोविड-19 से संबंधित नई वैक्सीन, ड्रग तथा चिकित्सीय युक्तियों का अनुसंधान एवं विकास करने हेतु व्यवसाय के अपने सामान्य कार्यकलाप के दौरान सी.एस.आर. कार्यकलाप कर सकें। सी.एस.आर. पात्र कंपनियों ने वित्त वर्ष 2020-21 में 24,865.46 करोड रूपये की संचयी सी.एस.आर. राशि का व्यय किया है, जिसमें से 6,946.75 करोड रूपये की राशि कोविड-19 से संबंधित कार्यकलापों सहित स्वास्थ्य देखभाल संबंधी कार्यकलाप पर व्यय की गई थी।
सांसद शेजवलकर के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व सी.एस.आर. से संबंधित कार्यकलापों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिये निगरानी तंत्र स्थापित करने के प्रश्न पर कॉरपोरेट मंत्रालय ने जानकारी दी कि कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर.) के लिये व्यापक ढांचे का प्रावधान कंपनी अधिनियम 2013 अधिनियम की धारा 135 इस अधिनियम की अनुसूची VII तथा कंपनी सी.एस.आर. नीति नियम 2014 के माध्यम से किया गया है। इस अधिनियम के तहत सी.एस.आर. एक बोर्ड संचालित प्रक्रिया है तथा कंपनी बोर्ड अपनी सी.एस.आर. समिति की सिफारिशों के आधार पर सी.एस.आर. कार्यकलापों की आयोजना बनाने, उसके संबंध में निर्णय लेने उन्हें निष्पादित करने तथा उनकी निगरानी करने के लिये अधिकृत है।
शेजवलकर ने लोकसभा में उठाये सी.एस.आर. प्रश्न पर कॉरपोरेट मंत्रालय ने दी जानकारी ,कोविड काल में सी.एस.आर. से 6,947 करोड व्यय
RELATED ARTICLES