जयपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को राजस्थान में थे, जहां उन्होंने ‘राम का काम’ करने का जिक्र किया, जिसके बाद कई तरह की अटकलें तेज हो गईं। उदयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘राम का काम करना है और वो होकर रहेगा।’ उनके इस बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे संभवत: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की बात कह रहे थे।
हालांकि इस बारे में साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि वे संभवत: ‘राम राज्य’ बात कर रहे हों। बहरहाल, उदयपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जो कुछ भी कहा, उससे यह भी प्रतीत होता है कि संघ लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एकतरफा जीत के बाद बनने जा रही नई सरकार पर ‘नजर बनाए रखेगा।’
भागवत ने कहा, ‘हमें राम का काम करना है और हम इसे करेंगे। यह हमारा काम है। राम हमारे अंदर जीवित हैं। इसलिए यह हमारा काम है और हम इसे खुद ही करेंगे। यदि हम इसे किसी और को करने के लिए देते हैं तो भी हमें निगरानी रखनी होगी।’ यहां उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संदेश दिया था।
पीएम मोदी ने शनिवार को भी अपने संबोधन में सबको साथ लेकर चलने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर विस्तृत बात की थी। लेकिन उन्होंने राम मंदिर का जिक्र नहीं किया था। आरएसएस प्रमुख के इस बयान को उसी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका बीजेपी की रिकॉर्डतोड़ जीत में अहम योगदान रहा है।