भाजपा के कद्दावर नेता सतीश सिकरवार सोमवार की दोपहर को समर्थकों के साथ भोपाल रवाना हो गए। कहा जा रहा है सतीश सिकरवार मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमल नाथ की मौजूदगी में कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता ग्रहण करेंगे। हालांकि श्री सिकरवार और कांग्रेस दोनों ने ही अधिकृत रूप से अभी इस बात की घोषणा नहीं की है । उधर जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं उन्हें देखकर यह तय माना जा रहा हैं कि ग्वालियर पूर्व क्षेत्र से उम्मीदवारी घोषित किये जाने के वादे पर ही सिकरवार दल और विचारधारा बदल रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा से पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है। इससे साफ है कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव में चेहरे वो ही रहेंगे। केवल उनके चुनाव चि- बदल जाएंगे। मुन्नालाल गोयल इस बार कमल पर और सतीश सिकरवार पंजे के निशान पर चुनाव लड़ने के समीकरण साफ नजर आ रहे हैं। चुनाव के मुद्दों भी रहेंगे। यहां दल-बदल का मुद्दा भी गौण हो जाएंगे, क्योंकि दोनों ही उम्मीदवार ने दल बदला है। हालांकि सतीश ने भोपाल जाने की बात कही, लेकिन कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने को लेकर कोई जवाब नहीं दिया।
भाजपा नेताओं की इस बात पर नजर हैं कि सतीश के साथ ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के कितने जिला, मंडल व अन्य नेता व कार्यकर्ता उनके साथ जा रहे हैं। । सूत्रों का कहना हैं कि भाजपा की एक टीम सतीश से जोड़े कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। उन्हें इस बात का ज्ञान दिया जा रहा हैं कि कांग्रेस में उनका कोई भविष्य नहीं है, जबकि दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि 4 के लगभग पूर्व पार्षद सहित काफी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता सतीश के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के लिए भोपाल जा रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के मीडिया प्रभारी केके मिश्रा का कहना हैं कि जिले से भाजपा का एक विकेट गिरने वाला हैं। कौन भाजपा नेता कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर रह हैं, इसके लिये मंगलवार तक का इंतजार करना पड़ेगा।
सतीश सिकरवार की पत्नी शोभा सिकरवार भाजपा से पार्षद थीं। पिता गजराज सिंह सिकरवार व छोटे भाई सत्यपाल उर्फ नीटू सिकरवार सुमावली विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। सतीश के कांग्रेस में शामिल होने के बाद परिवार के अन्य लोग भाजपा में ही रहेंगे या फिर सतीश के साथ कांग्रेस में जाएंगे? इस सवाल पर पूरा परिवार खामोश हैं।
सतीश ने पार्टी छोड़ने के पहले संकेत दे दिये थे
सतीश सिकरवार ने भाजपा से मोहभंग होने के पहले से संकेत दे दिये थे। भाजपा नेता सतीश सिकरवार को लगातार मनाने की कोशिश कर रही थी।
2018 में हुए विधानसभा चुनाव में मुन्नाालाल गोयल व सतीश सिकरवार के बीच मुकाबला हुआ था। सतीश 17 हजार 819 वोटों से शिकस्त मिली थी। क्षेत्र में लगातार संघर्ष के बाद मिली पराजय के बाद सतीश सिकरवार ने पार्टी नेताओं के सामने पीड़ा व्यक्त की थी कि उन्हें भाजपा के दिग्गज नेताओं ने भितरघात कर हराया है।