प्रवीण दुबे
शहर में जब किसी अति विशिष्ट व्यक्ति का आगमन होता है तो सत्ता संगठन और प्रशासन में गजब का तालमेल दिखाई देता है यह होना भी चाहिए क्योंकि आने वाला मेहमान अति विशिष्ट जो है।
आजकल ग्वालियर में केंद्रीय गृहमंत्री और सरकार में नंबर दो का ओहदा रखने वाले अमितशाह के 25 दिसंबर के आगमन को लेकर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है गृहमंत्री अमित शाह 25 दिसंबर को ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट-2025’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस आयोजन में औद्योगिक निवेश प्रस्तावों का शुभारंभ और कार्यक्रम स्थल पर नई परियोजनाओं पर चर्चा होगी।इसी दिन ग्वालियर के सपूत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती एवं सुशासन दिवस के रूप में भी मनाया जाना है और श्री शाह इसमें भी शिरकत करने वाले हैं।
जैसा कि हमने ऊपर लिखा है उनके आगमन के मद्देनजर सत्ता संगठन और स्थानीय प्रशासन में गजब का तालमेल दिखाई दे रहा है।
एयरपोर्ट से लेकर मेला मैदान तक जहां अमित शाह आने वाले हैं आसपास का इलाका पूरी तरह चमचमा उठा है ट्रेफिक से लेकर सड़कों तक की चिंता की जा रही है।
यह होना भी चाहिए लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि सत्तादल के नेताओं से लेकर अधिकारियों तक की यह सक्रीयता केवल अमित शाह को लेकर दिखाई जा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री भी जो यदा कदा दिखाई देते हैं आजकल रोज ग्वालियर की ओर दौड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं।
शहर के सबसे प्रमुख महाराज बाड़ा और उससे लगे आसपास के प्रमुख व्यापारिक बाजारों की ही बात करें तो दौलतगंज,सराफा,डीडवानाओली आदि की सड़कें लम्बे समय से खुदी पड़ी हैं इन बाजारों में ही नहीं शहर की अधिकांश सड़कें लंबे समय से ऊबड़-खाबड़, गड्ढों से भरी और दुर्घटनाओं का कारण बनी हुई हैं, लेकिन जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ग्वालियर आगमन की घोषणा हुई, तो चंद दिनों में उन्हीं मार्गों पर करोड़ों रुपये खर्च कर नई सड़कें बिछा दी गईं, जिनसे उनका काफिला गुजरना है।