Homeप्रमुख खबरेंसदभावना सम्मेलन 6 को दूदावत बने सदभावना आयोजन समिति के अध्यक्ष

सदभावना सम्मेलन 6 को दूदावत बने सदभावना आयोजन समिति के अध्यक्ष

ग्वालियर। सद्भावना समिति की बैठक होटल प्रभा इंटरनेशनल में आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से वरिष्ठ अभिभाषक अरविंद दूदावत को समिति का सयोजक चुना गया। इसके साथ ही बैठक में आगामी छह मई को सद्भावना सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया। सदभावना सम्मेलन आयोजन समिति के बैनर तले आयोजित होने वाला यह सद्भावना सम्मेलन रविवार छह मई को अपरान्ह चार बजे से मांढरे वाली माता के  नीचे स्थित डॉ. भगवत सहाय सभागार में आयोजित होगा।
बैठक को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के संयोजक श्री दूदावत ने कहा कि ने  वर्तमान समय में सामाजिक सद्भावना को मजबूत करना एक जरूरी कार्य है। देश में तमाम ऐसी ताकतें सक्रिय हैं, जो  हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करके देश को नुकसान पहुंचाने के षड्यंत्र में लगी हैं। बीते दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान ऐसी ही ताकतों ने हमें आपस में लड़ाने का कार्य किया। ऐसी ताकतों के षडयंत्रों को समझना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि सभी हिंदू आपस में भाई-भाई हैं, कोई हिन्दू पतित नहीं हो सकता, अर्थात् भारत भूमि हमारी मां है, और हम सब उसकी संतान हैं। हम सब एक समान हैं, कोई ऊंचा व कोई नीचा नहीं है। प्राचीनकाल से अनेक संत महात्माओं व महापुरूषों  ने हमारी सामाजिक परम्परा और सांस्कृतिक विरासत को कायम रखा है।
बैठक में उपस्थित पूर्व डीएसपी मुन्नालाल ढोड़ी  ने कहा कि आदिकाल से चली आ रही बन्धुत्व भाव की इस धारा को अपने जीवन के उच्च आदर्शों द्वारा समाज में गहराई जो आज देश में स्थापित है। उसे भगवान श्री राम वेद, रचियता महर्षि वेदव्यास, महर्षि वाल्मीकि, भगवान बुध्द, सन्त कबीर, सन्त रविदास, समर्थ रामदास,आद्य शंकराचार्य, गुरुगोविंद सिंह, महर्षि दयानंद, ज्योतिबा फुलेए, सावित्री बाई फुले, डॉ. बाबा साहब अंबेडकर, महात्मा गांधी जैसे न जाने कितने मनीषियों ने अपना सर्वस्व समर्पण करके सदैव स्थापित किया है।
समिति  के अन्य सदस्यों ने कहा भारत विश्वगुरु था, सोने की चिड़िया की संज्ञा प्राप्त थी हमें। इस वैभवशाली स्वरूप को नष्ट करने के योजनाबद्ध षड्यंत्र मुगल आक्रमणों के काल से प्रारंभ हुए। उसके बाद अंग्रेजों ने फूट डालकर हमें कमजोर किया। अब जबकि भारत पुन: राष्ट्रोदय की ओर अग्रसर होता दिख रहा है, बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है। तब पुन: भारत विरोधी विश्वव्यापी शक्तियां सक्रिय हो गई हैं, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। देश में फैला आतंकवाद, नक्सलवाद, लवजिहाद, धर्मांतरण, घुसपैठ और अब यह ऊंच-नीच का कुचक्र चलाकर देश को कमजोर करने के प्रयास पूरी ताकत से किये जा रहे हैं।आतंकवाद, धर्मांतरण जैसे कामों के लिए धन संसाधन तक उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
समिति सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे समय हम जागरूक रहें, इस षडयंत्र को समझें, इसी उद्देश्य से इस तरह के सद्भावना सम्मेलन की बेहद आवश्यकता है।
समिति सदस्यों ने तय किया कि आगामी छह मई को आयोजित होने वाले सद्भावना सम्मेलन में अंचल की सभी जाति-बिरादरी के प्रमुख गणमान्य लोग व पूज्य संत आदि हमारा मार्गदर्शन करेंगे। सद्भावना सम्मेलन आयोजन समिति ने अंचल के सभी आमंत्रित महानुभावों से निर्धारित समय पर कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह किया है। बैठक में पूर्व महाधिवक्ता अरविंद दूदावत, पूर्व डिप्टी कलेक्टर महेशराम भार्गव, पूर्व जज ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व कमांडेंट हरवंश सिंह, वरिष्ठ व्यवसायी राधेश्याम भाकर, पूर्व मेजर भारत सिंह यादव, पूर्व डीएसपी मुन्नालाल ढोड़ी,  पूर्व एसपी भूपेन्द्र घुरैया, पूर्व रेलवे डायरेक्टर अनिल शर्मा, पूर्व कमांडेंट हरीशंकर नारोलिया, समाजसेवी अशोक बाल्मीकि भिण्ड, व्यवसायी व समाजसेवी डॉ. रवि अम्बे, विधायक धनश्याम पिरोनियां, समाजसेवी जी.आर.शाक्य समाजसेवी वृंदावन कोठारी, समाजसेवी श्रीमती आशा सिंह,  समाजसेवी श्रीमती मनोरमा लड्ढा, समाजसेवी श्रीमती रमा पाखरिया, समाजसेवी गौतम भागचंदानी आदि उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments