Homeप्रमुख खबरेंसमर्पण और सरलता की प्रतिमूर्ति थे बाबा केसरी : अरुण जैन

समर्पण और सरलता की प्रतिमूर्ति थे बाबा केसरी : अरुण जैन

बाबा द्वारा समर्पित किए घर में केसरी (संघ) कार्यालय उद्घाटित

ग्वालियर / कुशलता और बुद्धिमत्ता के महत्व को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन संगठन तथा व्यक्ति निर्माण के लिए समर्पण और सरलता का होना बहुत जरूरी है। कम पढ़े-लिखे और जेसी मिल में मजदूरी करने वाले बाबा केसरी प्रसाद चौधरी इन दोनों विशेषताओं के धनी थे।
यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन ने बिरला नगर में केसरी कार्यालय के उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही।

शरद स्मृति सेवा न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हरिदास महाराज जड़ेरुआ सरकार, पद्मश्री महेश शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी, न्यास अध्यक्ष राजेंद घुरैया मंचासीन रहे।

उल्लेखनीय है कि बाबा केसरी द्वारा दान किए गए घर को केसरी कार्यालय के रूप में निर्मित किया गया है। मुख्य वक्ता श्री जैन ने बाबा केसरी की स्मृतियों में खोते हुए कहा कि बाबा साहब को इस दुनिया से गए 27-28 साल हो गए हैं। 1981 में मेरी प्रचारक के रूप में घोषणा हुई और बाबा भी संघ कार्यालय में कार्यालय प्रमुख के नाते रहने आ गए थे। इनके अलावा राधाकिशन जी ने भी अपना जीवन संघ को समर्पित कर राष्ट्रोत्थान न्यास भवन में रहने आ गए थे।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर में संघ कार्य बढ़ाने में सरलता और समर्पण की प्रतिमूर्ति बाबा का अहम योगदान रहा है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि अगर सभी लोग बाबा साहब से प्रेरणा लेकर संघ का काम करेंगे तो व्यक्ति निर्माण के कार्य में निश्चितरूप से सफल हो सकोगे।

जड़ेरुआ सरकार ने भी आशीर्वाद देते हुए समाज के हित में सतत काम करने की अपील की। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि परिचय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कार्यवाह मुनेंद्र सिंह कुशवाह ने दिया। अतिथियों का स्वागत राजेंद घुरैया, प्रभात पटेरिया, राजेश गुप्ता, ओमप्रकाश कुशवाह ने किया। न्यास के अध्यक्ष श्री घुरैया ने न्यास के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केसरी कार्यालय में चिकित्सालय, विद्यालय सहित समाजोत्थान के लिए कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर पूर्व प्रचारक विजय सिंह राठौर, जितेंद्र भदौरिया आदि ने बाबा के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के प्रारंभ में गणेश वंदना, श्रीराम वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। समापन महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन ग्वालियर जिला सह कार्यवाह हरिशंकर कंसाना एवं आभार शरद मेहरोत्रा न्यास सदस्य राजेश गुप्ता ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह गौसेवा प्रमुख अजीत महापात्रा, मध्य क्षेत्र सेवा प्रमुख ओम प्रकाश सिसोदिया,क्षेत्र जागरण पत्रिका प्रमुख विश्वजीत जी, क्षेत्र संगठक हिंदू जागरण मंच मनीष उपाध्याय, मध्य भारत प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता, सह प्रांत प्रचारक सुरेंद्र जी, प्रांत सह कार्यवाह विजय दीक्षित, प्रांत सह संपर्क प्रमुख नवल शुक्ला, क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष दीपक सचेती, नवनीत शर्मा, जगजीत सिंह नामधारी, राजकुमार जी, ब्रजकिशोर मिश्रा, सुरेन्द्र मिश्रा,जितेंद्र जादौन,पूर्व मंत्री जयभान सिंह पर्वया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, अभय चौधरी आदि उपस्थित रहे।
बाबा ने कर दिया था सर्वस्व समर्पित
वरिष्ठ समाजसेवी महेश शर्मा ने कहा कि बाबा केसरी जी ने तन, मन,धन,समय यानी सर्वस्व समर्पित कर दिया था। उनके साथ मुझे भी रहने का सौभाग्य मिला था। सादगी, सरलता और मृदुभाषी की वजह से बिरला नगर में हर कोई उन्हें जानता था। वह स्वयंसेवकों से माता-पिता के समान व्यवहार करते थे। उनके घर के दरवाजे ही नहीं बल्कि उनकी जेब भी स्वयंसेवकों के लिए खुली रहती थी। भूख लगने या किसी को जरूरत पडऩे पर वह हरदम आर्थिक मदद को तैयार रहते थे। उनका जीवन संघानुकूल था। गलती होने पर बाबा प्रायश्चित स्वरूप दिन भर भूखे रहते थे।

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